आगरा:
आगरा के व्यापारी मोहल्ला रुनकता निवासी रहीस पुत्र मनन को बिजली चोरी के आरोप से बरी कर दिया गया है।
विशेष न्यायाधीश (आर्थिक अपराध) ने यह फैसला पुलिस और बिजली विभाग की लापरवाही पर सुनाया।
यह मामला 26 अक्टूबर 2018 का है, जब अवर अभियंता गगन कुमार गुप्ता ने सिकंदरा थाने में रहीस के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
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शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि चेकिंग के दौरान रहीस अपने मीटर को बाईपास कर सीधे तार (कटिया) डालकर बिजली चोरी करते पकड़े गए थे।
जांच में उनके यहां 580 वाट का लोड पाया गया था। इसके बाद उनका कनेक्शन काट दिया गया और मौके से कटिया भी बरामद की गई।
गवाहों की कमी और सबूतों के अभाव में मिला फायदा
अदालत में सुनवाई के दौरान वादी गगन गुप्ता, उपखंड अधिकारी जसवंत सिंह, एसआई अमित कुमार और पुलिसकर्मी हरिश्चंद्र को गवाही के लिए पेश किया गया।
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हालांकि, आरोपी के वकील तेज सिंह बघेल ने अदालत में तर्क दिया कि इस मामले में कोई भी स्वतंत्र गवाह मौजूद नहीं था।
इसके अलावा, बिजली विभाग और पुलिस ने न तो बरामद की गई कटिया को अदालत में पेश किया और न ही घटना की कोई वीडियोग्राफी सबूत के तौर पर दिखाई।
इन गंभीर लापरवाहियों और सबूतों के अभाव को देखते हुए विशेष न्यायाधीश (आर्थिक अपराध) ने रहीस को संदेह का लाभ देते हुए बरी करने का आदेश दिया।
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