आगरा:
दुष्कर्म, धोखाधड़ी और मारपीट के मामले में आरोपी जितेंद्र सिंह ठाकुर को महिला के विरुद्ध अपराध से संबंधित फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बरी कर दिया है।
अदालत ने यह फैसला वादिनी के बयानों में गंभीर विरोधाभास पाए जाने के बाद सुनाया।
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यह मामला थाना सदर बाजार में दर्ज किया गया था, जहाँ 4 अक्टूबर 2023 को वादिनी ने एक तहरीर दी थी। वादिनी ने आरोप लगाया था कि वह और आरोपी जितेंद्र सिंह ठाकुर, दोनों ही टोरेंट पावर में काम करते थे और पिछले दस सालों से रिलेशनशिप में थे।
उसने आरोप लगाया कि जितेंद्र ने उससे शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण किया और फिर उसे धोखा देकर कहीं और शादी कर ली।
गवाहों की कमी और बयानों में विरोधाभास
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इस मामले में केवल वादिनी का ही बयान दर्ज हो सका। अदालत ने पाया कि वादिनी के बयानों में कई गंभीर विरोधाभास थे और वह बार-बार अपने बयान बदल रही थी। इस वजह से घटना की विश्वसनीयता पर संदेह पैदा हुआ।
आरोपी के वरिष्ठ अधिवक्ता दीपक कुमार शर्मा ने अदालत में यही तर्क पेश किया।
इन तर्कों और सबूतों के अभाव को देखते हुए, अदालत ने जितेंद्र सिंह ठाकुर को बरी करने का आदेश दिया।
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