आगरा।
कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री द्वारा हाल ही में भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए एक बयान पर कानूनी विवाद खड़ा हो गया है।
इस मामले में अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह ने आगरा सिविल कोर्ट में धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ आपराधिक मानहानि का परिवाद दायर किया है।
याचिकाकर्ता अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह का आरोप है कि एक कथावाचन के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने सार्वजनिक रूप से भगवान श्रीकृष्ण के संबंध में अमर्यादित टिप्पणी की।
परिवाद के अनुसार, शास्त्री ने अपने प्रवचन में कहा था कि जो श्रीकृष्ण वाले हैं उन्हें आज बुरा लगेगा, श्रीकृष्ण बहुत ही टेढ़े हैं, वे खड़े भी होते हैं तो तीन जगह से टेढ़े होते हैं।
अधिवक्ता ने न्यायालय के समक्ष तर्क दिया कि द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मानव रूप में हुआ था और उनके वंशज आज भी भारत में निवास करते हैं।
इनमें जादौन, जडेजा और भाटी क्षत्रिय शामिल हैं, जिनका ऐतिहासिक उल्लेख मथुरा गजेटियर और अलेक्जेंडर कनिंघम की वर्ष 1882-83 की पुस्तक रिपोर्ट इन ईस्टर्न राजपुताना में भी मिलता है।

परिवादी अजय प्रताप सिंह का कहना है कि वह मातृ पक्ष से श्रीकृष्ण के वंशज हैं।
उनका आरोप है कि धीरेंद्र शास्त्री का यह बयान भगवान श्रीकृष्ण के वंशजों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला और उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को हानि पहुंचाने वाला है, जिसके आधार पर यह मानहानि का वाद प्रस्तुत किया गया है।
इस मामले की प्रारंभिक सुनवाई आगरा में सिविल जज जूनियर डिवीजन पंचम, माननीय न्यायाधीश कंचन कुमारी के न्यायालय में संपन्न हुई।
न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केस को रजिस्टर कर लिया है और इस प्रकरण पर आगे की सुनवाई के लिए 14 दिसम्बर की तिथि नियत की है।
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