दुराचार के दो आरोपियों को दस-दस वर्ष के कारावास और पचास हजार रुपये के जुर्माने की सजा

न्यायालय मुख्य सुर्खियां

आगरा।

महिला के साथ दुराचार के मामले में अपर जिला जज फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम माननीय यशवंत कुमार सरोज ने आरोपी हीरा एवं मुरारी निवासीगण इरादतनगर को दोषी करार दिया है।

अदालत ने दोनों आरोपियों को दस-दस वर्ष के कारावास और पचास हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।

इसके साथ ही न्यायालय ने यह आदेश भी दिया है कि जुर्माने की कुल राशि में से चालीस हजार रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे तथा शेष राशि नियमानुसार राजकीय कोष में जमा कराई जाएगी।

Also Read – कॉलेज स्वामी के यहाँ करोड़ों की चोरी करने की आरोपिता की जमानत खारिज

घटना के विवरण के अनुसार, वादिया या पीड़िता ने थाना इरादतनगर में तहरीर देकर यह आरोप लगाया था कि 20 मार्च 1998 की सुबह करीब नौ बजे जब वह अपनी सास को ट्यूबवेल पर खाना देने जा रही थी, तब आरोपी हीरा और मुरारी ने पीछे से आकर उसे जमीन पर गिरा दिया और उसके कपड़े फाड़ डाले।

दोनों ने उसके साथ दुराचार किया तथा उसके तीन माह के बच्चे को खेत में पटककर उसके शरीर पर गंभीर चोटें भी पहुंचाईं। पीड़िता के रोने व चीखने की आवाज सुनकर मौके पर आई उसकी सास को देखकर आरोपी वहां से भाग निकले थे।

Also Read – पश्चिमी उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण जनमंच द्वारा पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस पर किया गया विरोध प्रदर्शन

पुलिस ने इस मामले में 21 मार्च 1998 को आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद दोनों आरोपियों को 24 मार्च 1998 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था और उनके विरुद्ध 29 मार्च 1998 को अदालत में आरोप पत्र प्रेषित किया गया था।

मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से एडीजीसी ऋषभ कुमार जैन ने पीड़िता समेत चार गवाह पेश किए और कड़े तर्क दिए कि आरोपियों ने सामूहिक दुराचार की इस गंभीर घटना को अंजाम दिया था।

Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp  – Group Bulletin & Channel Bulletin

विवेक कुमार जैन
Follow me

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *