झूठी शिकायत और संपत्ति का दबाव बना आधार, अदालत ने 19 वर्ष पुराने विवाह को किया विच्छेद

न्यायालय मुख्य सुर्खियां

आगरा।

संपत्ति के लिए दबाव बनाने, परिजनों के साथ दुर्व्यवहार करने और झूठी पुलिस शिकायत दर्ज कराने के एक मामले में अदालत ने 19 साल पुराने विवाह को विच्छेद करने का आदेश दिया है।

पति द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने मानसिक उत्पीड़न को आधार मानते हुए यह फैसला सुनाया। विशेष बात यह है कि पति और पत्नी दोनों पहले से तलाकशुदा थे और यह उनकी दूसरी शादी थी।

पारिवारिक विवाद के इस मामले में नेहरू नगर निवासी वादी की शादी वर्ष 2007 में कमला नगर निवासी महिला के साथ हुई थी। इस संबंध से उनकी दो पुत्रियां हैं।

वादी पति का आरोप था कि पत्नी विवाह के बाद से ही मकान को अपने नाम कराने के लिए लगातार उस पर दबाव बनाती थी। जब पति ने इसका विरोध किया, तो वह वादी और उसके परिजनों के साथ अभद्रता करने लगी।

याचिका में कहा गया कि पत्नी का व्यवहार इतना हिंसक हो गया था कि उसने वादी की बहन के बाल पकड़कर उसके साथ मारपीट की। इसके अतिरिक्त, पत्नी ने वादी के खिलाफ अकारण झूठी शिकायत दर्ज कराकर उसे पुलिस से पकड़वा दिया।

Also Read – पुलिस की मनमानी पर अदालत सख्त: अग्रिम विवेचना की अनदेखी पर पुलिस आयुक्त को कार्रवाई के निर्देश

हालांकि, पुलिस की प्रारंभिक जांच में सच्चाई सामने आने पर वादी को बिना किसी कानूनी कार्रवाई के छोड़ दिया गया।

लगातार हो रहे उत्पीड़न और तनाव के कारण जब दोनों का एक साथ रहना बिल्कुल असंभव हो गया, तो वादी पति ने अपने अधिवक्ता शैलेंद्र पाल सिंह और आकाश दीक्षित के माध्यम से अदालत में विवाह विच्छेद के लिए वाद दायर किया।

न्यायालय ने मामले के तथ्यों, साक्ष्यों और अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनने के बाद पत्नी के कृत्य को क्रूरता की श्रेणी में मानते हुए विवाह विच्छेद का आदेश पारित कर दिया।

Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp  – Channel Bulletin & Group Bulletin

विवेक कुमार जैन
Follow me

1 thought on “झूठी शिकायत और संपत्ति का दबाव बना आधार, अदालत ने 19 वर्ष पुराने विवाह को किया विच्छेद”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *