आगरा ।
थाना सिकंदरा क्षेत्र से जुड़े अपहरण, दुराचार और पॉक्सो एक्ट के एक मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) माननीय दिनेश कुमार चौरसिया की अदालत ने दो आरोपियों की जमानत याचिका स्वीकृत करते हुए उन्हें रिहा करने के आदेश दिए हैं।
मामले के अनुसार, एक वादिया द्वारा थाना सिकंदरा में अपनी पुत्री के अपहरण के आरोप में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। वादिया की पुत्री के साथ एक अन्य युवती भी घर से गायब हुई थी।
पुलिस ने विवेचना के दौरान इस मामले में आरोपी आदिल पुत्र बबलू और राहुल पुत्र शमशेर (निवासीगण काजीपाड़ा, रुनकता, थाना सिकंदरा, जिला आगरा) को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था।

सुनवाई के दौरान यह महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया कि दोनों पीड़ित युवतियों ने मजिस्ट्रेट के समक्ष अपनी गवाही (धारा 164 सीआरपीसी के तहत बयान) में स्पष्ट किया कि वे आरोपियों के साथ अपनी मर्जी से गई थीं।
युवतियों ने अपने बयानों में यह भी कहा कि आरोपियों द्वारा उनके साथ किसी भी प्रकार का कोई गलत काम या दुराचार नहीं किया गया है।
इसके अलावा, दोनों पीड़िताओं ने अपना चिकित्सीय परीक्षण (मेडिकल) कराने से भी इंकार कर दिया था।
अदालत में आरोपियों की ओर से अधिवक्ता कृष्ण गोपाल जायसवाल ने पक्ष रखा।
उन्होंने पीड़ित युवतियों के मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए बयानों और मेडिकल परीक्षण न कराने के तथ्यों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करते हुए तर्क दिया कि आरोपियों को इस मामले में झूठा फंसाया गया है।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता के तर्कों, मामले की परिस्थितियों और पीड़ित युवतियों के बयानों के आधार पर दोनों आरोपियों आदिल और राहुल का जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकृत करते हुए उन्हें जेल से रिहा करने के आदेश दिए।
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