केबल पर अवैध रूप से गदर फिल्म दिखाने के आरोपी को 25 वर्ष बाद मिली सजा, अदालत ने सुनाई डेढ़ वर्ष की कैद

न्यायालय मुख्य सुर्खियां

आगरा:

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) माननीय शारिब अली की अदालत ने केबल नेटवर्क पर अवैध रूप से फिल्म का प्रसारण करने के 25 वर्ष पुराने मामले में अहम फैसला सुनाया है।

अदालत ने बिरजू केबल नेटवर्क के संचालक को कॉपीराइट एक्ट और उत्तर प्रदेश चलचित्र विनियमन अधिनियम के तहत दोषी करार देते हुए डेढ़ वर्ष के कारावास तथा 3,500/- रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

मामला थाना रकाबगंज क्षेत्र का है। 26 जून 2001 को तत्कालीन सहायक मनोरंजन कर आयुक्त जी. पी. अहिरवार से ज्वाला टॉकीज के संचालक हकीकत राय, रचित मेहरोत्रा और प्रबंधक चांद खां ने शिकायत दर्ज कराई थी।

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शिकायतकर्ताओं का कहना था कि उनके सिनेमाघर में उस समय चर्चित फिल्म गदर चल रही है, जबकि टीला मन्नू शेख, काजीपाड़ा निवासी बिरजू केबल नेटवर्क का संचालक ब्रज मोहन पुत्र स्वर्गीय खेत चंद वीसीडी के माध्यम से अपने ग्राहकों को गैर-कानूनी तरीके से यह फिल्म प्रसारित कर रहा है।

शिकायत के आधार पर सहायक मनोरंजन कर आयुक्त जी. पी. अहिरवार, मनोरंजन कर निरीक्षक पी. एन. वर्मा, भरत सिंह और अमर नाथ की संयुक्त टीम ने शाम 4:30 बजे केबल नेटवर्क के पते पर छापा मारा।

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टीम ने मौके से गदर फिल्म की सीडी और वीसीडी सहित अन्य फिल्मों की सीडी और रजिस्टर बरामद किए थे।

इस आधार पर आरोपी ब्रज मोहन के विरुद्ध संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया था।

अदालत में मामले के विचारण के दौरान अभियोजन अधिकारी ब्रज मोहन कुशवाह के तर्कों और प्रस्तुत साक्षियों के बयानों का संज्ञान लेते हुए सीजेएम माननीय शारिब अली ने आरोपी को दोषी पाया और घटना के 25 वर्ष बाद उसे कारावास व जुर्माने की सजा से दंडित करने का आदेश पारित किया।

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विवेक कुमार जैन
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