आगरा।
जनपद के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट माननीय शिवानंद गुप्ता की अदालत ने मारपीट और हत्या के गंभीर आरोपों के मामले में संज्ञान लेते हुए पांच नामजद आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
न्यायालय ने थानाध्यक्ष जगदीशपुरा को निर्देशित किया है कि इस प्रकरण में प्राथमिकी पंजीकृत कर उचित विवेचना की जाए।
प्रार्थना पत्र के मुख्य अंश:
अदालत में यह मामला बौद्ध नगर, गढ़ी भदौरिया निवासी वादी जय प्रताप द्वारा अपनी अधिवक्ता इशरत जहां के माध्यम से प्रस्तुत किया गया था।
वादी के अनुसार, उसके चाचा दीपक कुमार का विवाह वर्ष 2019 में न्यू आगरा क्षेत्र निवासी मीनाक्षी के साथ हुआ था। आरोप है कि उसकी चाची उग्र स्वभाव की थी और पैतृक संपत्ति व जेवरातों के बंटवारे को लेकर अक्सर विवाद करती रहती थी।
मांग पूरी न होने पर वह परिवार को गंभीर कानूनी मुकदमों में फंसाने की धमकियां भी देती थी।
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घटनाक्रम और मृत्यु का आरोप:
वादी ने आरोप लगाया कि 18 फरवरी 2026 को उसकी चाची मीनाक्षी ने अपने मायके पक्ष के लोगों को बुलाया और वादी के पिता के साथ जमकर मारपीट की।
इस हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं। घायल अवस्था में उन्हें उपचार के लिए भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया।
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अदालत का निर्णय:
वादी की अधिवक्ता द्वारा प्रस्तुत तर्कों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने इसे प्रथम दृष्टया गंभीर अपराध माना।
न्यायालय ने इस मामले में मीनाक्षी, सीमा, अंजलि, राहुल और नरेंद्र के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का आदेश जारी किया है।
अब पुलिस इस मामले की विस्तृत जांच कर सच्चाई का पता लगाएगी।
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