आगरा।
जनपद की एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश माननीय डॉ.दिव्यानंद द्विवेदी ने युवती के अपहरण के मामले में आरोपी विशाल उर्फ विष्णु को बरी करने का आदेश दिया है।
अदालत ने यह निर्णय पीड़िता के अपने पूर्व के बयानों से मुकरने और अभियोजन पक्ष द्वारा पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत न कर पाने के आधार पर लिया है।
प्रकरण के अनुसार थाना खंदौली क्षेत्र के एक गांव निवासी वादी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 2 जून 2023 की सुबह उनके ही गांव का निवासी विशाल उनकी 17 वर्षीया पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अपहरण का मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू की थी।
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इसके उपरांत 10 जून 2023 को पुलिस ने युवती को यमुना एक्सप्रेस-वे के नीचे से बरामद कर उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया था और बयान दर्ज किए थे।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में वादी और पीड़िता सहित कुल छह गवाह पेश किए गए। सुनवाई के दौरान उस समय महत्वपूर्ण मोड़ आया जब पीड़िता ने अपने बयानों में आरोपी के विरुद्ध आरोपों का समर्थन नहीं किया।
पीड़िता ने अदालत को बताया कि उसके पिता उसकी मर्जी के विरुद्ध उसकी बड़ी बहन के देवर से उसका विवाह करना चाहते थे, जिससे नाराज होकर वह 2 जून को बिना बताए अपनी मौसी के घर चली गई थी। पीड़िता ने स्पष्ट किया कि आरोपी उसे बहला-फुसलाकर नहीं ले गया था।
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बचाव पक्ष के अधिवक्ता प्रदीप राठौर ने तर्क दिया कि पीड़िता के मुकर जाने के बाद आरोपी के विरुद्ध अपहरण का कोई पुख्ता आधार नहीं बचता है।
अदालत ने बचाव पक्ष के तर्कों और साक्ष्यों के अभाव को देखते हुए आरोपी विशाल उर्फ विष्णु को अपहरण के आरोपों से दोषमुक्त घोषित कर दिया।
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