आगरा।
जनपद की एक अदालत ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग करने के आरोपी मनोज यादव उर्फ मोनू यादव की जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उसे रिहाई के आदेश दिए हैं।
जिला जज माननीय संजय कुमार मलिक ने यह आदेश दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और मामले की परिस्थितियों को देखने के बाद जारी किया।
थाना ट्रांस यमुना में दर्ज मामले के अनुसार, 3 मई 2026 को थाना प्रभारी हरेंद्र कुमार पुलिस बल के साथ क्षेत्र में गश्त पर थे। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने झरना नाले के पास चेकिंग शुरू की।
जब आरोपी मोनू यादव को मोटरसाइकिल रोकने का इशारा किया गया, तो उसने खुद को घिरा देख पुलिस दल पर जान से मारने की नीयत से सीधे फायर झोंक दिया।
इस हमले में पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में आरोपी मोनू यादव के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया था।
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पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या के प्रयास और आयुध अधिनियम (आर्म्स एक्ट) के तहत मामला दर्ज किया था।
अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान आरोपी के वरिष्ठ अधिवक्ता राम प्रकाश शर्मा ने मजबूत तर्क प्रस्तुत किए।
उन्होंने अदालत को बताया कि कथित घटना में कोई भी पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ है, बल्कि खुद आरोपी पुलिस की गोली लगने से घायल हुआ है।
इसके साथ ही उन्होंने यह बिंदु भी उठाया कि पुलिस द्वारा दिखाई गई बरामदगी का कोई भी स्वतंत्र या स्थानीय गवाह मौजूद नहीं है।
अदालत ने आरोपी के आपराधिक इतिहास और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद, बचाव पक्ष के तर्कों को आधार मानते हुए कालिंदी विहार (थाना ट्रांस यमुना) निवासी आरोपी मनोज यादव उर्फ मोनू यादव की जमानत अर्जी मंजूर कर ली और उसे जेल से रिहा करने का आदेश जारी किया।
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