आगरा/प्रयागराज।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रशांत कुमार के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है।
न्यायालय ने अधिवक्ताओं के संबंध में कथित रूप से अमर्यादित टिप्पणी करने के मामले में पूर्व डीजीपी को नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।
हाईकोर्ट ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए भविष्य की सुनवाई के लिए तिथि भी निर्धारित कर दी है।
न्यायालय का रुख और नोटिस:
उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान पूर्व डीजीपी द्वारा वकीलों के विरुद्ध की गई टिप्पणियों को लेकर कड़ी आपत्ति जताई गई।
न्यायालय ने इस मामले में प्रशांत कुमार को व्यक्तिगत रूप से अपना पक्ष रखने और जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। विधिक मर्यादा और अधिवक्ताओं के सम्मान से जुड़े इस संवेदनशील मामले में कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई पर पूर्व डीजीपी को अपना उत्तर अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा।
Also Read – सुप्रीम कोर्ट ने ताज ट्रेपेजियम जोन से जुड़ी चार दशक पुरानी एम सी मेहता की याचिका का किया ऐतिहासिक समापन

28 अप्रैल को होगी सुनवाई:
अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 28 अप्रैल 2026 की तिथि तय की है। निर्धारित समय के अनुसार दोपहर 2 बजे इस प्रकरण पर विस्तृत सुनवाई होगी।
कानूनी हलकों में इस नोटिस को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह सीधे तौर पर प्रशासनिक अधिकारियों और विधिक समुदाय के बीच के संबंधों और संवाद की मर्यादा से जुड़ा है।
आगे की विधिक प्रक्रिया:
अब पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना हलफनामा या जवाब अदालत में दाखिल करना होगा। 28 अप्रैल को होने वाली सुनवाई के दौरान यह देखा जाएगा कि उनके द्वारा दी गई सफाई से न्यायालय संतुष्ट होता है या नहीं।
हाईकोर्ट की इस सक्रियता ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि यह मामला सीधे तौर पर संवैधानिक गरिमा और पेशेवर सम्मान के दायरे में आता है।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Channel Bulletin & Group Bulletin
- इलाहाबाद हाईकोर्ट: अब्दुल्ला आजम के दो पैन कार्ड मामले में राज्य सरकार ने दाखिल किया जवाब, 6 अगस्त को होगी अगली सुनवाई - July 17, 2026
- इलाहाबाद हाईकोर्ट: गैंगस्टर एक्ट मामले में गौ तस्कर मोहम्मद मुजफ्फर को मिली सशर्त जमानत - July 17, 2026
- इलाहाबाद हाईकोर्ट का सख्त रुख: जमानत अर्जी निस्तारण में देरी पर यूपी सरकार पर 50 हजार रुपये का हर्जाना - July 17, 2026





1 thought on “अधिवक्ताओं पर अमर्यादित टिप्पणी का मामला: पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार को इलाहाबाद हाईकोर्ट का नोटिस”