सरकार से किया जवाब तलब
आगरा /प्रयागराज 24 सितंबर।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विभागीय गलती से अधिक वेतन निर्धारण मामले में सीएमओ इटावा द्वारा जारी वसूली कार्रवाई पर रोक लगा दी है और दोनों पक्षों को जवाब प्रति जवाब दाखिल करने का समय दिया है।
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कोर्ट ने इस याचिका को विचाराधीन अन्य याचिका के साथ निस्तारण के लिए सूचीबद्ध करने का भी आदेश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार ने नीरज दूबे की याचिका पर दिया है।
याचिका पर अधिवक्ता गणेश मिश्र व वरुण मिश्र ने बहस की।
इनका कहना था कि वेतन निर्धारण में याची की कोई भूमिका नहीं है। इसलिए विभाग अपनी ग़लती की भरपाई याची से नहीं कर सकता।

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पिछले 15 साल तक अधिक वेतन की वसूली कार्रवाई की जा रही थी। उस समय याची ग्रुप सी कर्मचारी था अब प्रोन्नत होकर ग्रुप बी पद का अधिकारी हैं और सीएमओ ने अब कारण बताओ नोटिस जारी की और वसूली आदेश जारी किया है।
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