आगरा।
विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) माननीय सोनिका चौधरी की अदालत ने एक अहम मामले में गवाही के लिए उपस्थित न होने पर उपनिरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) अमित प्रसाद का वेतन रोकने का कड़ा आदेश पारित किया है।
न्यायालय ने इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सहारनपुर को आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।
मामले की पृष्ठभूमि:
न्यायालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत में ‘राज्य बनाम राहुल’ का एक मुकदमा विचारणाधीन है।
इस प्रकरण से जुड़े मुख्य तथ्य निम्नलिखित हैं:
* यह मामला वर्ष 2021 में थाना हरीपर्वत में दर्ज किया गया था।
* यह प्रकरण दुराचार और पॉक्सो अधिनियम के गंभीर अपराधों से संबंधित है।
* उपनिरीक्षक अमित प्रसाद ने थाना हरीपर्वत में अपनी तैनाती के दौरान इस मामले की विवेचना (जांच) की थी।
* विवेचक अमित प्रसाद का वर्तमान में जनपद सहारनपुर में स्थानांतरण हो चुका है और वे वहीं तैनात हैं।
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अदालत की सख्ती का कारण:
अदालत में चल रहे इस मुकदमे के विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष के अन्य सभी गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।
मामले को अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचाने और न्याय प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए विवेचक के रूप में उपनिरीक्षक अमित प्रसाद की गवाही होना अत्यंत आवश्यक है।
हालांकि, गवाही के लिए न्यायालय द्वारा तलब किए जाने के बावजूद वह अदालत में उपस्थित नहीं हुए।
न्यायालय का आदेश:
विवेचक द्वारा न्यायालय की कार्यवाही में भाग न लेने और गवाही के लिए उपस्थित न होने के रवैये को अदालत ने बेहद गंभीरता से लिया है।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट माननीय सोनिका चौधरी ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, सहारनपुर को निर्देशित किया है कि उपनिरीक्षक अमित प्रसाद का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाए।
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