आगरा।
जनपद की एक अदालत ने युवती के अपहरण के मामले में नामजद आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी करने के आदेश जारी किए हैं।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान पीड़िता और वादिनी अपने पूर्व के बयानों से मुकर गईं, जिसके चलते आरोपी के विरुद्ध आरोप सिद्ध नहीं हो सके।
एत्माद्दौला थाना क्षेत्र के ओम नगर नुन्हाई निवासी सनी पुत्र बब्बू खान के विरुद्ध यह मामला दर्ज कराया गया था। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, वादिनी मुकदमा की विवाहित पुत्री अपनी ससुराल फिरोजाबाद से मायके आई हुई थी।
आरोप था कि 23 अक्टूबर 2023 की शाम करीब 4 बजे आरोपी सनी उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर अपहरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना के पश्चात न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
अपर जिला जज माननीय मृदुल दुबे की अदालत में मुकदमे के विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से वादिनी और पीड़िता के बयान दर्ज कराए गए।
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पीड़िता ने न्यायालय में गवाही देते हुए बताया कि उसने पूर्व में पुलिस और मजिस्ट्रेट के समक्ष जो बयान दर्ज कराए थे, वे तत्कालीन दरोगा के कहने पर दिए थे।
पीड़िता ने स्पष्ट किया कि वह आरोपी सनी को नहीं जानती है और घटना के दिन वह किसी के साथ नहीं गई थी, बल्कि अपनी मर्जी से मां को बताए बिना अपनी मौसी के घर चली गई थी।
वहीं, मुकदमे की वादिनी ने भी अदालत में स्वीकार किया कि उसने अन्य लोगों के कहने पर आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता नीरज पाठक ने न्यायालय के समक्ष तर्क प्रस्तुत किए कि जब मुख्य गवाह और पीड़िता स्वयं घटना से इनकार कर रहे हैं, तो ऐसी स्थिति में आरोपी को सजा दिया जाना न्यायोचित नहीं है।
अदालत ने बचाव पक्ष के तर्कों और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के अभाव को देखते हुए आरोपी सनी को दोषमुक्त करने का आदेश दिया।
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