आगरा/प्रयागराज।
प्रदेश के पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरों के रख-रखाव और बिजली आपूर्ति की बदहाल स्थिति पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेहद सख्त रुख अपनाया है।
अदालत ने पुलिस व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताते हुए देवरिया के पुलिस अधीक्षक (एसपी) और थाना प्रभारी (एसएचओ) भलुअनी को 11 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से अदालत में तलब किया है।
इसके साथ ही, न्यायालय ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को सभी थानों में सीसीटीवी और पावर बैकअप दुरुस्त रखने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
मामले की पृष्ठभूमि और लापरवाही:
अदालत में एक मामले की सुनवाई के दौरान भलुअनी थाना (देवरिया) पुलिस बिजली न होने के कारण कोर्ट के समक्ष सीसीटीवी फुटेज प्रस्तुत नहीं कर सकी थी।
इस पर अदालत को बताया गया कि थाने का जनरेटर और सोलर सिस्टम दिसंबर 2024 से ही खराब पड़ा हुआ है।

लंबे समय से ऊर्जा वैकल्पिक व्यवस्था खराब रहने और सुधार न होने पर हाईकोर्ट ने प्रशासन की कार्यशैली पर गहरी नाराजगी व्यक्त की।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी:
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पुलिस थाना एक बेहद संवेदनशील स्थान होता है, जहां सुरक्षा, साक्ष्य और पारदर्शिता से जुड़ी किसी भी प्रकार की लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
अदालत ने पुलिस प्रशासन को फटकार लगाते हुए टिप्पणी की कि व्यवस्थाओं के नाम पर केवल कागजी कार्रवाई से काम नहीं चलेगा; जमीनी स्तर पर सुविधाएं सुचारू होनी चाहिए।
डीजीपी को निर्देश:
न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के डीजीपी को निर्देश दिया है कि राज्य के सभी पुलिस थानों में निर्बाध बिजली आपूर्ति, कार्यशील सीसीटीवी कैमरे और पावर बैकअप सहित सभी आवश्यक सुविधाएं तत्काल सुनिश्चित की जाएं, ताकि भविष्य में अदालती कार्यवाही और न्यायिक जांच के दौरान कोई व्यवधान उत्पन्न न हो।
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