आगरा।
खंदौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत संचालित ‘ब्लू व्हेल वाटर पार्क’ में 10 वर्षीय बच्चे की डूबने से हुई दर्दनाक मौत के मामले में जिला जज माननीय संजय कुमार मलिक की अदालत ने वाटर पार्क संचालक केशव सिंह लोधी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
अदालत ने मामले की गंभीरता और सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी को देखते हुए आरोपी को राहत देने से इंकार किया।
घटना की पृष्ठभूमि और मुकदमा:
वादी राकेश द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, 1 जुलाई 2026 को उनका 10 वर्षीय पुत्र अभी अन्य बच्चों के साथ ग्राम पुरा लोधी स्थित ब्लू व्हेल वाटर पार्क में नहाने गया था।
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स्विमिंग पूल में डूबने के कारण बच्चे की असमय मृत्यु हो गई। घटना के बाद मृतक के पिता की तहरीर पर वाटर पार्क के संचालक केशव सिंह लोधी (निवासी ग्राम पुरा लोधी, बहरामपुर, थाना खंदौली, जिला आगरा) के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत थाना खंदौली में मुकदमा दर्ज किया गया था।
जांच में सामने आई गंभीर लापरवाही:
पुलिस विवेचना के दौरान घटना के समय मौजूद अन्य बच्चों (प्रशांत, विकास, अमर आदि) के बयान दर्ज किए गए।
पुलिस जांच में वाटर पार्क के संचालन से जुड़ी कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं:
* अवैध प्रवेश व वसूली: बच्चों से प्रवेश शुल्क के रूप में 20-20 रुपये लेकर वाटर पार्क में एंट्री दी गई थी।
* लाइसेंस का अभाव: जांच में पाया गया कि वाटर पार्क के संचालन के लिए कोई भी वैध प्रशासनिक लाइसेंस नहीं लिया गया था।
* सुरक्षा मानकों की अनदेखी: पूल के पास न तो कोई प्रशिक्षित कोच मौजूद था और न ही बचाव के लिए कोई सुरक्षा उपकरण उपलब्ध थे।
अभियोजन की दलीलें और अदालत का फैसला:
मामले की सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीए) राधा कृष्ण गुप्ता ने अभियोजन पक्ष की ओर से जमानत का कड़ा विरोध किया।
उन्होंने तर्क दिया कि बिना लाइसेंस और बिना किसी सुरक्षा उपाय के वाटर पार्क का संचालन करना बच्चों के जीवन के साथ घोर खिलवाड़ है, जिसके परिणामस्वरूप मासूम बच्चे की जान गई।
दोनों पक्षों की दलीलों और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद, जिला जज ने 2 जुलाई 2026 से कारागार में निरुद्ध वाटर पार्क संचालक केशव सिंह लोधी की जमानत प्रार्थना पत्र को अपर्याप्त आधार मानते हुए निरस्त करने का आदेश दिया।
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