एनडीपीएस केस में 9 साल से गवाही न देने पर अदालत सख्त: उपनिरीक्षक को गिरफ्तार कर पेश करने, वेतन रोकने और परिवाद दर्ज करने का आदेश

न्यायालय मुख्य सुर्खियां

आगरा।

एनडीपीएस एक्ट के एक पुराने मामले में करीब नौ साल से गवाही के लिए अदालत में उपस्थित न होने पर एडीजे-13 माननीय महेश चंद वर्मा की अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है।

अदालत ने मामले के वादी और तत्कालीन उपनिरीक्षक अजय कुमार चक को गिरफ्तार कर 25 अगस्त 2026 को अदालत में पेश करने का आदेश दिया है।

इसके साथ ही, अदालत ने पुलिस आयुक्त वाराणसी को उपनिरीक्षक का वेतन रोकने और उनके विरुद्ध परिवाद दर्ज करने का भी निर्देश दिया है।

मामले की पृष्ठभूमि और गवाही में लापरवाही:

अदालत के समक्ष थाना सदर में वर्ष 2016 में दर्ज एनडीपीएस एक्ट का ‘सरकार बनाम बंटी’ मुकदमा निस्तारण के लिए लंबित है।

इस मामले में उपनिरीक्षक अजय कुमार चक वादी हैं, जिन्होंने थाना सदर में अपनी तैनाती के दौरान यह मुकदमा दर्ज कराया था।

करीब नौ वर्षों से अदालत द्वारा कई बार बुलाए जाने और प्रतिकूल आदेश पारित होने के बावजूद उपनिरीक्षक गवाही के लिए अदालत में हाजिर नहीं हुए।

Also Read – ब्लू व्हेल वाटर पार्क में बच्चे की मौत का मामला: बिना लाइसेंस और सुरक्षा उपायों के संचालन पर अदालत सख्त, संचालक की जमानत खारिज

गिरफ्तारी का आदेश और थानाध्यक्ष को चेतावनी:

अदालत ने विगत 27 जुलाई को उपनिरीक्षक के विरुद्ध पुनः गैर-जमानती वारंट और कारण बताओ नोटिस जारी किया था। थाना सदर पुलिस ने अपनी आख्या में बताया कि उपनिरीक्षक के विरुद्ध आदेश की पर्याप्त तामील हो चुकी है।

इस पर सख्त रुख अपनाते हुए एडीजे-13 माननीय महेश चंद वर्मा ने थानाध्यक्ष सदर को आदेशित किया कि वह नियत तिथि 25 अगस्त 2026 को उपनिरीक्षक अजय कुमार चक को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करें।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि ऐसा नहीं होता है, तो थानाध्यक्ष स्वयं अदालत में उपस्थित होकर स्पष्ट करें कि अदालत के आदेश की तामील कराने में

Also Read – 13.50 लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में बिहार का व्यापारी अदालत में तलब ,31 अगस्त को पेश होने के आदेश

लापरवाही क्यों बरती गई ?

वेतन रोकने और परिवाद दर्ज करने के निर्देश

न्यायिक आदेशों की लगातार अवहेलना को गंभीर मानते हुए अदालत ने पुलिस आयुक्त वाराणसी को उपनिरीक्षक अजय कुमार चक का वेतन रोकने का आदेश दिया है।

साथ ही, अदालत ने उपनिरीक्षक के विरुद्ध परिवाद भी दर्ज करने का निर्देश दिया है।

अदालत ने इस आदेश के अक्षरशः अनुपालन के लिए आदेश की प्रति पुलिस आयुक्त आगरा, पुलिस आयुक्त वाराणसी और थानाध्यक्ष सदर को भेजने के निर्देश दिए हैं।

Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp  – Group BulletinChannel Bulletin

विवेक कुमार जैन
Follow me

1 thought on “एनडीपीएस केस में 9 साल से गवाही न देने पर अदालत सख्त: उपनिरीक्षक को गिरफ्तार कर पेश करने, वेतन रोकने और परिवाद दर्ज करने का आदेश

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *