लापता व्यक्तियों के फर्जी कागजात बना जमीन हड़पने के आरोपी की जमानत निरस्त

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आगरा।

जनपद की एक अदालत ने धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन का बेनामा कराने के मामले में नामजद आरोपी की जमानत अर्जी को गंभीर आरोपों के चलते खारिज कर दिया है।

जिला जज ने अभियोजन और वादी पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद यह आदेश जारी किया।

प्रकरण थाना किरावली में दर्ज एक मुकदमे से जुड़ा है। मामले के अनुसार, वादी सुभाष चंद्र आदि ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनके परिवार के सदस्य मोहन लाल, मदन लाल, मुरारी लाल और मुकेश पुत्रगण द्वारिका प्रसाद अग्रवाल नई दिल्ली के राजोरी गार्डन क्षेत्र में निवास करते थे।

विगत 10-12 वर्षों से इन चारों भाइयों का कोई सुराग नहीं है और वे लापता चल रहे हैं।

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आरोप है कि आरोपी राम कुमार छोकर पुत्र बाबू लाल निवासी पूर्वी रठिया, अछनेरा ने अन्य लोगों के साथ मिलकर इन लापता व्यक्तियों के नाम पर दर्ज कृषि भूमि को निशाना बनाया।

आरोपियों ने इन लापता व्यक्तियों के फर्जी कागजात और पहचान पत्र तैयार किए और उनके आधार पर कृषि भूमि का बेनामा अपने पक्ष में करा लिया।

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इस धोखाधड़ी की जानकारी होने पर पीड़ित पक्ष ने कानूनी कार्रवाई शुरू की। आरोपी राम कुमार छोकर ने गिरफ्तारी से बचने और राहत पाने के लिए जिला जज की अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था।

सुनवाई के दौरान वादी पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता राम प्रकाश शर्मा ने अदालत के समक्ष सशक्त तर्क रखे। उन्होंने बताया कि किस प्रकार सुनियोजित तरीके से लापता लोगों की संपत्ति को फर्जीवाड़े के जरिए हड़पा गया है।

न्यायालय ने अपराध की प्रकृति और साक्ष्यों की गंभीरता को देखते हुए आरोपी राम कुमार छोकर की जमानत याचिका को निरस्त करने के आदेश दिए।

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विवेक कुमार जैन
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