आगरा।
विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट माननीय सोनिका चौधरी की अदालत ने एक आपराधिक मामले में गवाही देने के लिए उपस्थित न होने पर विवेचक जय कुमार के प्रति कड़ा रुख अपनाया है।
न्यायालय ने पुलिस आयुक्त गाजियाबाद और मुख्य कोषाधिकारी गाजियाबाद को पत्र लिखकर निर्देशित किया है कि विवेचक का वेतन आगामी आदेशों तक रोक दिया जाए।
मामला थाना जगदीशपुरा से संबंधित राज्य बनाम विवेक नागर उर्फ गटुआ का है, जो वर्ष 2021 से न्यायालय में लंबित चल रहा है। आरोपी के विरुद्ध अश्लील हरकत और पाक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
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इस मामले में अभियोजन की ओर से अन्य सभी महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, किंतु विवेचक जय कुमार की गवाही न होने के कारण मुकदमे का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
अदालत ने पाया कि विवेचक को बार-बार समन और नोटिस जारी किए जाने के बावजूद वह गवाही देने के लिए उपस्थित नहीं हो रहे हैं। विवेचक वर्तमान में जनपद गाजियाबाद के साहिबाबाद में तैनात बताए गए हैं।
उनकी अनुपस्थिति के कारण न्यायिक प्रक्रिया में हो रहे विलंब को गंभीरता से लेते हुए विशेष न्यायाधीश ने उनके वेतन आहरण पर रोक लगाने का आदेश जारी किया।
न्यायालय ने पुलिस आयुक्त गाजियाबाद को यह भी निर्देशित किया है कि वह विवेचक को 29 अप्रैल 2026 को अनिवार्य रूप से गाजियाबाद के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम में उपस्थित कराना सुनिश्चित करें, ताकि उनकी गवाही दर्ज की जा सके और मामले की सुनवाई आगे बढ़ सके।
न्यायालय के इस आदेश से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
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