आगरा/प्रयागराज:
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने निचली अदालत के आदेशों की बार-बार अनदेखी करने पर उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रति कड़ा रुख अपनाया है।
कोर्ट ने ललितपुर के कोतवाल और विवेचना अधिकारी (IO) को आगामी 18 फरवरी 2026 को सीसीटीवी फुटेज के साथ व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है।
मामले की मुख्य बातें:
* पीठ: न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ ने यह आदेश ‘शानू उर्फ राशिद’ की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।
* विवाद: अभियुक्त के वकील का तर्क है कि गिरफ्तारी के समय कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया और गिरफ्तारी के कारण नहीं बताए गए।
* सीजेएम के आदेश की अनदेखी: अभियुक्त की बहन ने सितंबर 2025 में गिरफ्तारी से संबंधित सीसीटीवी फुटेज की मांग की थी। सीजेएम ललितपुर ने 22 सितंबर, 30 सितंबर और 3 नवंबर 2025 को पुलिस को रिपोर्ट और फुटेज पेश करने के आदेश दिए, लेकिन पुलिस ने इनका पालन नहीं किया।

कोर्ट की टिप्पणी:
“यदि ये तथ्य सही हैं, तो यह न्याय प्रक्रिया के उल्लंघन का अत्यंत गंभीर मामला है।”
कोर्ट का अगला कदम:
हाई कोर्ट ने न केवल अधिकारियों को तलब किया है, बल्कि रजिस्ट्रार (अनुपालन) को इस आदेश की प्रति पुलिस अधीक्षक (SP) ललितपुर को भेजने का निर्देश दिया है, ताकि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Channel Bulletin & Group Bulletin
- नोएडा मजदूर आंदोलन में पत्रकार पर एनएसए लगाने का मामला, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र, राज्य सरकार और डीएम-सीपी से मांगा जवाब - September 17, 2026
- गाजीपुर में हुए कमलेश बिंद एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका, सीबीआई जांच का अनुरोध - September 17, 2026
- इलाहाबाद हाईकोर्ट: फर्जी वसीयत और संपत्ति विवाद मामले में अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह के चचेरे भाई की गिरफ्तारी पर रोक - September 12, 2026




