आगरा।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग-प्रथम, आगरा ने सेवा में कमी और अनुचित व्यापार संव्यवहार के एक मामले में पीड़ित उपभोक्ता के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है।
आयोग के अध्यक्ष माननीय सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव सिंह की पीठ ने प्रतिपक्षी हिंदुस्तान इलेक्ट्रॉनिक्स को आदेश दिया है कि वह उपभोक्ता से ली गई विद्युत पैनल और पावर फैक्टर की पूरी कीमत छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज के साथ वापस करे।
इसके अलावा मानसिक उत्पीड़न और वाद व्यय के रूप में भी जुर्माना लगाया गया है।
यह है पूरा मामला ?
हरीनगर, राजपुर चुंगी, सदर बाजार निवासी डॉ. राकेश मोहनियां ने अपने अस्पताल में बिजली की बचत और बिजली ह्रास को रोकने के लिए नरायच, हाथरस रोड स्थित हिंदुस्तान इलेक्ट्रॉनिक्स से 4 जुलाई 2023 को 1,42,790/- रुपये में एक विद्युत पैनल और पावर फैक्टर खरीदा था।
विक्रेता ने आश्वासन दिया था कि यह उच्च गुणवत्ता का है और इससे बिजली के बिल में कमी आएगी। उपभोक्ता ने 70,000/- रुपये चेक से और शेष 72,790/- रुपये नकद दिए थे।

बिल कम होने के बजाय छह गुना बढ़ा:
पैनल लगने के बाद जब अक्टूबर 2023 में टोरेंट पावर कंपनी द्वारा पहला बिल भेजा गया, तो वह पिछले बिलों से दोगुना था। इसके बाद नवंबर में बिल बढ़कर लगभग छह गुना हो गया।
सितंबर में 1,33,369/- रुपये, अक्टूबर में 1,44,942/- रुपये और नवंबर में 2,41,441/- रुपये का बिल आया।
डॉक्टर ने जब इसकी शिकायत टोरेंट पावर कंपनी से की, तो कंपनी ने जांच कर 13 दिसंबर 2023 को लिखित जवाब में बताया कि बिल बढ़ने का मुख्य कारण अस्पताल में लगाया गया विद्युत पैनल और पावर फैक्टर का अत्यंत घटिया व दोषपूर्ण होना है।
नोटिस का जवाब न देने पर एकपक्षीय कार्रवाई:
पीड़ित डॉक्टर ने डीलर को 22 दिसंबर 2023 को विधिक नोटिस भेजकर इसे बदलने या ठीक करने की मांग की, लेकिन डीलर ने न तो कोई जवाब दिया और न ही पैनल बदला।
इसके बाद पीड़ित ने उपभोक्ता फोरम में परिवाद दर्ज कराया। आयोग द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बावजूद विपक्षी हिंदुस्तान इलेक्ट्रॉनिक्स की ओर से कोई हाजिर नहीं हुआ और न ही कोई लिखित पक्ष रखा गया। इस पर आयोग ने विपक्षी के खिलाफ एकपक्षीय सुनवाई का निर्णय लिया।
आयोग का ऐतिहासिक आदेश:
उपभोक्ता आयोग ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों और टोरेंट पावर की रिपोर्ट को सही मानते हुए डीलर को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार संव्यवहार का दोषी पाया।
आयोग ने अपने आदेश में निम्नलिखित निर्देश दिए हैं:
1. डीलर विद्युत पैनल और पावर फैक्टर की मूल कीमत 1,42,790/- रुपये, परिवाद दायर करने की तिथि 20 जनवरी 2024 से लेकर भुगतान के दिन तक 6 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज के साथ वापस करे।
2. मानसिक पीड़ा की क्षतिपूर्ति के रूप में 20,000/- रुपये और वाद-व्यय के रूप में 10,000/- रुपये का भुगतान किया जाए।
3. यह समस्त धनराशि आदेश के 45 दिनों के भीतर आयोग के खाते में डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) के माध्यम से जमा करानी होगी।
4. यदि तय समय में भुगतान नहीं किया गया, तो ब्याज की दर 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत वार्षिक कर दी जाएगी।
5. पूरी धनराशि जमा होने के बाद ही विपक्षी डीलर अस्पताल से अपना पैनल हटाने के लिए स्वतंत्र होगा।
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