चैक डिसऑनर के मामले में आरोपी को छह माह का कारावास और भारी जुर्माना

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आगरा।

जनपद के विशेष न्यायालय एनआई एक्ट ने चैक बाउंस होने के एक मामले में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए आरोपी वीरेंद्र कुमार को दोषी करार दिया है।

न्यायालय के पीठासीन अधिकारी माननीय अरविंद कुमार यादव ने आरोपी को छह माह के साधारण कारावास की सजा के साथ 10 लाख 87 हजार 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

प्रकरण के अनुसार, कमला नगर निवासी वादी रूबेन्द्र सिंह चौधरी और महर्षि पुरम निवासी वीरेंद्र कुमार के बीच घनिष्ठ मित्रता थी।

आरोपी ने व्यक्तिगत आवश्यकता का हवाला देते हुए 25 फरवरी 2019 को वादी से 17 लाख 20 हजार रुपये उधार लिए थे और इन्हें तीन माह के भीतर वापस करने का वचन दिया था।

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निर्धारित समय बीत जाने के बाद जब वादी ने अपनी धनराशि वापस मांगी, तो आरोपी ने उन्हें दो चैक प्रदान किए।

वादी ने जब इन चैकों को भुगतान हेतु बैंक में प्रस्तुत किया, तो वे पर्याप्त धनराशि न होने के कारण अनादरित हो गए। इसके पश्चात वादी ने 8 लाख 7 हजार रुपये के चैक के संबंध में न्यायालय में परिवाद दायर किया।

सुनवाई के दौरान वादी के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रकाश नारायण शर्मा और जय नारायण शर्मा ने प्रभावी पैरवी करते हुए साक्ष्य प्रस्तुत किए।

अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद आरोपी को दोषी पाया और कारावास के साथ-साथ चैक की धनराशि को ध्यान में रखते हुए जुर्माने का आदेश सुनाया।

जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को अतिरिक्त दंड भुगतना होगा।

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विवेक कुमार जैन
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