कोर्ट ने पूछा कानूनी अधिकार के विपरीत आदेश देने पर क्यों न हो उनके खिलाफ उचित कार्रवाई ?
बर्खास्तगी आदेश निलंबित हेड कांस्टेबल को ड्यूटी करने देने व नियमित वेतन भुगतान का निर्देश
आगरा/प्रयागराज 6 सितंबर।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिना जांच व कारण बतायें हेड कांस्टेबल याची को बर्खास्त करने वाले डीसीपी गौतमबुद्धनगर रवि शंकर निम को कारण बताने का निर्देश दिया है कि क्यों न उनके खिलाफ कानूनी अधिकार से परे आदेश पारित करने पर उचित कार्रवाई की जाय?
कोर्ट ने कहा
पुलिस अधिकारी को अपनी असाधारण शक्ति का इस्तेमाल करते समय अनुच्छेद 311व पुलिस रेग्यूलेशन के नियम 8(सी)बी की शर्तों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। डीसीपी ने याची को बर्खास्त कर दिया, कोई जांच नहीं की और कहा भविष्य में बर्खास्तगी का कारण बतायेंगे।
Also Read – पी.सी.एस.(जे.) पुनरीक्षित परिणाम में दो चयनित के परिणाम निरस्त
जिसे कोर्ट ने शक्ति का अतिक्रमण माना है और याची को बर्खास्त करने के आदेश को निलंबित करते हुए ड्यूटी करने देने व नियमित वेतन भुगतान का निर्देश दिया है।
याचिका की अगली सुनवाई 26 सितंबर नियत करते हुए डीसीपी से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है।
यह आदेश न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर ने अमित कुमार उर्फ अमित कुमार मलिक की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।
कोर्ट ने कहा
बर्खास्तगी से पहले क्यों जांच नहीं की गई ? जबकि कोर्ट के फैसले है कि बिना सुनवाई का अवसर दिए किसी कर्मचारी को बर्खास्त नहीं किया जा सकता।
कोर्ट ने कहा
अधिकारियों से शक्ति का सही इस्तेमाल करने की उम्मीद की जाती है।डीसीपी ने शक्ति का दुरूपयोग किया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों के विपरीत कार्य किया है। जिसको प्रोत्साहित नहीं किया जा सकता।
Also Read – विधायक पूजा पाल को राहत, जमीन पर जबरन सड़क बनाने के केस में पुलिस ने दाखिल की अंतिम रिपोर्ट
कोर्ट ने डीसीपी गौतमबुद्धनगर को नोटिस जारी की है और सीजेएम के माध्यम से 24 घंटे में आदेश उन्हें उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp Group – Click Here
- इलाहाबाद हाईकोर्ट से गैंगस्टर केस में परिवार को बड़ी राहत, गाजियाबाद के पूर्व पुलिस कमिश्नर को लगाई फटकार - June 7, 2026
- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली हिंसा के आरोपी मौलाना तौकीर रज़ा खान की जमानत अर्जी की खारिज - June 5, 2026
- इलाहाबाद हाईकोर्ट: प्रशासनिक अधिकारी अनिश्चितकालीन जांच या संदेह के आधार पर धर्म परिवर्तन को बाधित नहीं कर सकते - May 30, 2026




