आगरा।
मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज (MES) के एक सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) अभियंता (इंजीनियर) की 65 लाख 85 हजार रुपये की पूंजी हड़पने के आरोप में स्थानीय अदालत ने पिता और पुत्र समेत कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
एसीजेएम 1, माननीय शिवानंद गुप्ता की अदालत ने दीनदयाल उपाध्याय और उनके पुत्र मनीष उपाध्याय (निवासी वेस्ट अर्जुन नगर, थाना शाहगंज, आगरा) के साथ कुछ अन्य अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने और मामले की विवेचना के आदेश थानाध्यक्ष सिकंदरा को दिए हैं।
जानिये क्या है पूरा मामला ?
वादी मुकदमा, प्रदीप कुमार अग्रवाल (निवासी रुड़की, जिला हरिद्वार, उत्तराखंड), मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज, एयर फोर्स स्टेशन, आगरा में तैनात थे, जब उनकी जान-पहचान आरोपी दीनदयाल उपाध्याय से हुई थी।
* साझेदारी का लालच: रिटायरमेंट के बाद रुड़की में रह रहे वादी के पास वर्ष 2018 में दीनदयाल उपाध्याय और उनके पुत्र मनीष उपाध्याय आए। उन्होंने बताया कि उन्होंने ‘हरी कंस्ट्रक्शन कंपनी’ के नाम से अपनी फर्म का MESE में रजिस्ट्रेशन करा लिया है और उन्हें पंजाब में निर्माण के लिए दो बड़े ऑर्डर मिले हैं।
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* पचास प्रतिशत मुनाफे का वादा: आरोपियों ने वादी को बताया कि चूंकि वह अनुभवी हैं, अगर वह फर्म में पार्टनर बन जाते हैं, तो उन्हें पचास प्रतिशत का मुनाफा मिलेगा।
* पूंजी का निवेश: संबंधों पर विश्वास करते हुए, वादी प्रदीप कुमार अग्रवाल ने अपने पुत्र और भतीजे को उनकी फर्म में पार्टनर बनाकर कुल 65 लाख 85 हजार रुपये का निवेश किया।
* पैसा हड़पने का आरोप: वादी का आरोप है कि चंडीगढ़ में स्कूल निर्माण का काम पूरा होने और फर्म को धनराशि मिलने के बाद, विपक्षी पिता-पुत्र ने पार्टनरशिप रद्द कर दी और पूरी धनराशि अपने खाते में ट्रांसफर करके हड़प ली।
* धमकी: जब वादी ने अपनी राशि वापस मांगी, तो आरोपियों ने उनके साथ अभद्रता की और जान से मारने की धमकी भी दी। अदालत ने इन गंभीर आरोपों के आधार पर पिता-पुत्र एवं अन्य अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर मामले की गहराई से जांच (विवेचना) करने के आदेश दिए हैं।
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