आगरा।
एक महत्वपूर्ण फैसले में, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वितीय ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को मैसर्स श्री गिर्राज जी टायर्स के प्रोपराइटर को बीमा क्लेम की राशि के रूप में 73,06,393/- रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है।
इसके अतिरिक्त, आयोग ने मानसिक कष्ट और वाद व्यय (कानूनी खर्च) के लिए दस हजार रुपये भी देने का निर्देश दिया है।
जानिये क्या है मामला?
मैसर्स श्री गिर्राज जी टायर्स (निकट सिनर्जी हॉस्पिटल, सिकंदरा) के प्रोपराइटर राहुल अग्रवाल ने अपने अधिवक्ता नरेश कुमार शर्मा के माध्यम से यह मुकदमा दायर किया था।
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* फर्म का विवरण: उनकी फर्म टायर, ट्यूब, बैटरी आदि की बिक्री के साथ-साथ पीसीआर वाहनों की व्हील बैलेंसिंग और एलाइनमेंट का कार्य करती है।
* बीमा: वादी ने 13 अक्टूबर 2021 को नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से अपनी फर्म का शॉपकीपर्स इंश्योरेंस (दुकानदार बीमा) कराया था।
* भीषण अग्निकांड: बीमा अवधि के दौरान, 5 नवंबर 2021 की सुबह करीब 5:30 बजे प्रतिष्ठान में अचानक आग लग गई। फायर ब्रिगेड की तमाम कोशिशों के बावजूद सारा सामान जलकर राख हो गया।
* नुकसान: इस अग्निकांड में टायर, ट्यूब, कंप्यूटर, एलाइनमेंट मशीन, बैलेंसिंग मशीन, एसी, बैटरी, नाइट्रोजन फिलिंग मशीन, फर्नीचर और बिजली उपकरण सहित कुल 1,23,40,448/- रुपये का नुकसान हुआ था।
* विवाद: पुलिस और बीमा कंपनी को सूचना दी गई, और कंपनी के सर्वेक्षक ने मौके पर आकर जांच पड़ताल भी की। हालांकि, इंश्योरेंस कंपनी द्वारा कम क्लेम स्वीकृत किए जाने के कारण वादी ने उपभोक्ता आयोग में मुकदमा दायर किया।
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आयोग का फैसला:
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वितीय, जिसके अध्यक्ष माननीय आशुतोष और सदस्य पारुल कौशिक थे, ने वादी के पक्ष में फैसला सुनाया।
आयोग ने विपक्षी नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को 73,06,393/- रुपये की बीमित राशि के अलावा, वादी को हुए मानसिक कष्ट और कानूनी खर्चों (वाद व्यय) के लिए दस हजार रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया।
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