कोर्ट ने मांगा जवाब क्यों न वसूली आदेश रद्द हो ? वसूली रकम वापस कराई जाय
क्यों न उनपर भारी हर्जाना लगाया जाय ?
आगरा / प्रयागराज 27 सितंबर।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसएसपी अलीगढ़ को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न गलत वेतन भुगतान की वसूली आदेश रद्द किया जाय और वसूली गई राशि वापस कराई जाय ?
साथ ही यह भी पूछा है कि सुप्रीम कोर्ट के रफीक मसीह केस के फैसले के विपरीत आदेश पारित करने के लिए क्यों न उनपर भारी हर्जाना लगाया जाय ?
कोर्ट ने एसएसपी से एक हफ्ते में व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है और याचिका की अगली सुनवाई की तिथि 3 अक्टूबर तय की है ।
यह आदेश न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर ने रिटायर्ड दरोगा विजेंद्र कुमार की याचिका पर दिया है।

याची का कहना है कि 31 मार्च 24 को सेवानिवृत्त हुआ और एसएसपी ने गलत वेतन निर्धारण के कारण अधिक वेतन भुगतान की वसूली का आदेश दिया।
कुल 6,28,045/- रूपये में से 2,58,045/- रूपये सेवानिवृत्ति परिलाभों से काट लिए गए। बकाया 3,70,000/- रूपए की वसूली पेंशन से की जानी है।
जिसे सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विपरीत होने के कारण चुनौती दी गई। कहा गलत वेतन निर्धारण में याची की कोई भूमिका नहीं है।
सरकार की ग़लती है जिसकी वसूली याची से नहीं की जा सकती।
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