आगरा।
विशेष न्यायालय (दस्यु प्रभावी क्षेत्र) के न्यायाधीश माननीय प्रदीप कुमार ने लूट एवं अन्य धाराओं में निरुद्ध दो आरोपियों रमजानी उर्फ जानी और जमील (निवासी डेरा बंजारा, थाना खंदौली) की जमानत अर्जी स्वीकार करते हुए उन्हें रिहा करने का आदेश दिया है।
अदालत ने पुलिस द्वारा बरामदगी का कोई स्वतंत्र गवाह पेश न करने और आरोपियों की शिनाख्त न कराए जाने के आधार पर यह राहत प्रदान की।
थाना खंदौली में दर्ज मामले के अनुसार, वादी मुकदमा धर्मेंद्र जिगर म अर्बन एंड रूरल कंपनी में कार्यरत है। वह 7 अगस्त 2026 को फील्ड ऑफिसर विशाखा के साथ गांवों से कलेक्शन कर मोटरसाइकिल से कार्यालय लौट रहा था।
रास्ते में अज्ञात बाइक सवार बदमाशों ने हथियार के बल पर फील्ड ऑफिसर को धक्का देकर गिरा दिया और नकदी से भरा बैग तथा मोटोरोला मोबाइल लूटकर फरार हो गए।

विवेचना के दौरान पुलिस ने रमजानी और जमील को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूटा गया माल बरामद करने का दावा किया था।
हालांकि, सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि पुलिस कथित बरामदगी के समर्थन में कोई स्वतंत्र गवाह पेश नहीं कर सकी और न ही वादी धर्मेंद्र अथवा चश्मदीद विशाखा से आरोपियों की पहचान (शिनाख्त परेड) कराई गई।
पुलिस की इस गंभीर चूक को देखते हुए विशेष अदालत ने दोनों आरोपियों को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
मामले में आरोपियों की ओर से पैरवी अधिवक्ता हुक्म सिंह कुशवाह ने की।
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