आगरा।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-4) माननीय पवन कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने आयुर्वेद चिकित्सक की लोहे के पाइप और सरिये से पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में अपना अहम फैसला सुनाया है।
न्यायालय ने आरोपी को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मंगल सिंह ने की।
अदालत के समक्ष रखे गए तथ्यों के अनुसार, इस मामले की प्राथमिकी जनपद इटावा के थाना जसवंत नगर अंतर्गत कटरा खूब चंद निवासी श्रीमती सुनीता देवी ने थाना बाह में दर्ज कराई थी।
वादिया ने अपनी तहरीर में बताया था कि उनके जेठ योगेश कुमार एक आयुर्वेद चिकित्सक थे। वह पिछले दस वर्षों से बटेश्वर में सांई चिकित्सालय का संचालन कर रहे थे और मरीजों का आयुर्वेदिक पद्धति से उपचार करते थे।
अभियोजन के मुताबिक, आरोपी नाथ बाबा उर्फ हरी ओम (पुत्र बिहारी लाल, निवासी बटेश्वर, थाना बाह, आगरा) पिछले पांच वर्षों से मृतक डॉ. योगेश कुमार के साथ ही रहता था।

29 अगस्त 2024 की देर रात किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया। इसी विवाद के चलते आरोपी ने लोहे के पाइप और सरिये से डॉ. योगेश पर ताबड़तोड़ प्रहार किए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मृत्यु हो गई।
अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से घटना को साबित करने के लिए वादिया समेत कुल 10 गवाह प्रस्तुत किए गए।
न्यायालय ने गवाहों के विस्तृत बयान, मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और शासकीय अधिवक्ता की दलीलों का गहनता से अवलोकन किया।
सभी साक्ष्यों पर विचार करने के उपरांत अदालत ने आरोपी नाथ बाबा उर्फ हरी ओम को हत्या का पूर्ण रूप से दोषी पाया।
तदनुसार, अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
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