आगरा।
दलित उत्पीड़न, बलवे और जानलेवा हमले के एक पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) माननीय शिव कुमार की अदालत ने आरोपी गज्जो उर्फ गजेंद्र की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है।
न्यायालय ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी की जेल से रिहाई के आदेश जारी किए हैं।
थाना डौकी में दर्ज मुकदमे के अनुसार, यह घटना 24 मार्च 2022 की है। वादी राजू माहौर, रवि आकाश, सनी, भोला और अन्य ग्रामीण गांव में स्थित देवी मंदिर का जीर्णोद्धार करा रहे थे।
आरोप है कि उसी दौरान गढ़ी वृंदावन (थाना डौकी) निवासी गजेंद्र उर्फ गज्जो और उसके अन्य साथियों ने मंदिर निर्माण का विरोध किया।
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हमलावर लाठी-डंडों और सरियों से लैस होकर वहां पहुंचे और जातिसूचक अपशब्द कहते हुए वादी पक्ष पर जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी, लेकिन आरोपी गजेंद्र लंबे समय तक न्यायालय में हाजिर नहीं हुआ।
इसके बाद अदालत ने उसके खिलाफ वारंट जारी कर दिया। न्यायालय से जारी वारंट के आधार पर डौकी पुलिस ने 5 सितंबर 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता दिनेश सिंह धाकरे ने न्यायालय के समक्ष अपना कानूनी पक्ष रखा।
अदालत ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों, मामले की परिस्थितियों और बचाव पक्ष के अधिवक्ता के तर्कों पर विचार करने के बाद आरोपी गजेंद्र उर्फ गज्जो की जमानत स्वीकृत कर ली।
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