आगरा।
पुरानी रंजिश के चलते पिता-पुत्र पर जानलेवा हमला करने के एक पुराने मामले में अदालत ने सात आरोपियों को दोषी करार दिया है।
अपर जिला जज (एडीजे) 28, माननीय संगीता कुमारी की अदालत ने सभी सात दोषियों को सात-सात वर्ष के कारावास और कुल 91 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
थाना मलपुरा में दर्ज मुकदमे के अनुसार, ग्राम सहारा निवासी वादी नेम सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 23 जनवरी 2001 की दोपहर करीब 3:45 बजे वह अपने पुत्र करण सिंह के साथ साइकिल से गांव लौट रहे थे।
आरोप था कि जैसे ही वे निहाल सिंह के घर के पास पहुंचे, वहां पहले से घात लगाए बैठे निहाल सिंह, उसके पुत्र राजवीर सिंह, श्यामवीर, धर्मवीर सिंह, प्रेम सिंह उर्फ प्रेमवीर, तथा लाखन सिंह और रविंद्र सिंह ने लाठी-डंडों और अवैध हथियारों से उन पर जानलेवा हमला कर दिया।

इस अचानक हुए हमले में पिता-पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनकी चीख-पुकार सुनकर सुरेश, राम कुमार, नरेंद्र और अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिन्हें देखकर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए।
अदालत में लंबी चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) राजीव धाकरे ने पैरवी की।
मामले के तथ्य साबित करने के लिए घायल पिता-पुत्र और तत्कालीन निरीक्षक रघुराज सिंह भाटी सहित कुल आठ गवाह अदालत में पेश किए गए।
न्यायालय ने गवाहों के स्पष्ट बयान, घायलों की प्रामाणिक मेडिकल रिपोर्ट और अभियोजन पक्ष की सशक्त दलीलों को आधार मानते हुए सभी सातों आरोपियों को हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं में दोषी पाया।
घटना के 25 वर्ष बाद आए इस अहम फैसले में अदालत ने दोषियों को उनके किए की सजा सुनाते हुए न्याय की नजीर पेश की है।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Channel Bulletin & Group Bulletin
- आगरा जिला उपभोक्ता आयोग प्रथम का ऐतिहासिक निर्णय, फिक्स डिपॉजिट का भुगतान न करने पर कंपनी को देना होगा हर्जाना - October 9, 2026
- चरित्र पर शक में पत्नी की गला दबाकर हत्या करने वाले पति को उम्रकैद - October 9, 2026
- खनन व पुलिस पर जानलेवा हमले के नौ वर्ष पुराने मामले में आरोपी को मिली जमानत - October 9, 2026





1 thought on “आगरा अदालत ने हत्या के प्रयास में सात दोषियों को सात वर्ष की कैद, 25 साल बाद आया फैसला”