आगरा ।
आगरा की एक अदालत ने जान से मारने की नीयत से तेजाब फेंककर गंभीर रूप से घायल करने के मामले में दो सगे भाइयों को कड़ी सजा सुनाई है।
अपर जिला जज (एडीजे) कोर्ट संख्या 26 के न्यायाधीश माननीय अमरजीत ने दोनों आरोपियों को दोषी पाते हुए दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा दी है।
इसके साथ ही अदालत ने दोनों दोषियों पर पचास-पचास हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न चुकाने पर उन्हें अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, घटना के संबंध में थाना न्यू आगरा में मुकदमा दर्ज कराया गया था। वादी मुकदमा रमेश चंद पुत्र मेवा राम, निवासी ग्राम होंद, थाना डोकी ने 1 दिसंबर 2016 को पुलिस को तहरीर दी थी।
तहरीर में आरोप लगाया गया था कि उनके ही गांव के निवासी दो सगे भाइयों राम प्रकाश और गब्बर उर्फ राम किशोर पुत्रगण राम खिलाड़ी ने पुरानी रंजिश के चलते जान से मारने की नीयत से उन पर तेजाब डाल दिया था। इस एसिड अटैक के कारण वादी बुरी तरह झुलस गए थे और उनका अंग-भंग हो गया था।
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वादी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ अंग-भंग करने और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
विचारण के दौरान अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से कई महत्वपूर्ण गवाह पेश किए गए।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मोहित पाल ने पीड़ित की मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयानों को अदालत के समक्ष रखते हुए प्रभावी पैरवी की।
उन्होंने तर्क दिया कि आरोपियों का कृत्य बेहद क्रूर और अमानवीय था, जिसके लिए उन्हें सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।
अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयानों का अनुशीलन करने और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर राम प्रकाश और गब्बर उर्फ राम किशोर को दोषी करार दिया।
न्यायाधीश माननीय अमरजीत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए दोनों दोषियों को दस वर्ष की जेल और पचास हजार रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया।
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