आगरा।
एक 19 वर्षीय युवती के अपहरण और दुराचार के मामले में सुनवाई करते हुए जिला जज माननीय संजय कुमार मलिक ने आरोपी सूजल को जमानत दे दी है और उसकी रिहाई के आदेश जारी किए हैं।
आरोपी सूजल पुत्र राजेश मूल रूप से थाना मलपुरा, जिला आगरा के रोहता का स्थायी निवासी है और फिलहाल अहमदाबाद, गुजरात में रह रहा था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना मलपुरा में दर्ज मुकदमे में वादी ने बताया था कि उसकी 19 वर्षीय पुत्री 6 फरवरी 2026 को घर से स्कूल जाने की बात कहकर निकली थी।
देर तक उसके वापस न लौटने पर वादी द्वारा थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
पुलिस की विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि वादी की पुत्री और आरोपी सूजल के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से दोस्ती हुई थी।
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इसी जान-पहचान के चलते वह स्वेच्छा से आरोपी से मिलने गुजरात गई थी। पुलिस द्वारा जब युवती को बरामद किया गया और उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल ले जाया गया, तो उसने अपनी चिकित्सीय जांच कराने से स्पष्ट रूप से मना कर दिया।
न्यायालय में मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता नवीन कुमार वर्मा ने अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा।
उन्होंने तर्क दिया कि कथित पीड़िता पूरी तरह से बालिग है और दोनों के मध्य जो भी संबंध स्थापित हुए, वे आपसी सहमति का परिणाम थे।
जिला जज ने मामले के तथ्यों, पीड़िता के बालिग होने, मेडिकल जांच से इंकार करने और बचाव पक्ष के अधिवक्ता के तर्कों को दृष्टिगत रखते हुए आपसी सहमति का मामला मानते हुए आरोपी सूजल की जमानत अर्जी मंजूर कर ली और उसे रिहा करने के आदेश दिए।
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