आगरा/प्रयागराज।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चर्चित एक्टिविस्ट और वकील नूतन ठाकुर को बड़ी राहत देते हुए उनकी अग्रिम जमानत अर्जी (Anticipatory Bail) मंजूर कर ली है।
यह मामला उनके पति और रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के देवरिया में पुलिस अधीक्षक (SP) पद पर तैनाती के दौरान जमीन आवंटन से जुड़ा है।
क्या है विवाद की जड़ ?
मामला देवरिया जनपद में दर्ज एक प्राथमिकी (FIR) से संबंधित है। आरोप है कि अमिताभ ठाकुर के देवरिया में एसपी रहने के दौरान उनकी पत्नी का नाम कथित तौर पर ‘नूतन देवी’ दर्शाकर जमीन का आवंटन कराया गया था।
पुलिस ने इसी मामले को आधार बनाकर पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को जेल भी भेजा था, हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी।
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हाईकोर्ट में हुई तीखी बहस:
नूतन ठाकुर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता इमरान उल्लाह और विनीत विक्रम ने पक्ष रखा।
उन्होंने अदालत में दलील दी कि यह मामला राजनीतिक विद्वेष और पुरानी रंजिश के चलते प्रेरित है।
बचाव पक्ष ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता एक कानून का पालन करने वाली नागरिक हैं और उन्हें इस मामले में अनावश्यक रूप से घसीटा जा रहा है।
कोर्ट का फैसला:
मामले की गंभीरता और तथ्यों पर गौर करने के बाद जस्टिस जितेंद्र सिन्हा की एकल पीठ (Single Bench) ने नूतन ठाकुर की अग्रिम जमानत अर्जी को स्वीकार कर लिया।
कोर्ट के इस आदेश के बाद अब पुलिस इस मामले में नूतन ठाकुर को गिरफ्तार नहीं कर सकेगी।
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