आगरा।
जिला जज माननीय संजय कुमार मलिक की अदालत ने एक युवती की निर्मम हत्या कर उसका सिर धड़ से अलग करने के सनसनीखेज मामले में आरोपी की जमानत याचिका को कड़े शब्दों में खारिज कर दिया है।
अदालत ने अपराध की गंभीरता और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए यह अहम फैसला सुनाया।
घटना की पृष्ठभूमि:
थाना ट्रांस यमुना में दर्ज मुकदमे के अनुसार, वादी दीपक शर्मा ने अपनी बहन की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
वादी के अनुसार उसकी बहन 23 जनवरी 2026 को घर से अपने कार्यस्थल (कोरियर कंपनी) गई थी, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटी।
24 जनवरी को थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। इसके अगले दिन 25 जनवरी को यमुना नदी से एक सिर कटी लाश बरामद हुई।
वादी ने एसएन अस्पताल की मोर्चरी में हाथ-पैर के आधार पर उस शव की शिनाख्त अपनी बहन के रूप में की थी।
पुलिस विवेचना और अहम साक्ष्य:
पुलिस की विवेचना में मृतका के साथ कोरियर कंपनी में काम करने वाले विनय सिंह (पुत्र अनार सिंह, निवासी ट्रांस यमुना कॉलोनी फेस-1, जिला आगरा) की भूमिका संदिग्ध पाई गई।

पुलिस जांच में निम्नलिखित अहम तथ्य सामने आए:
* आरोपी विनय सिंह सीसीटीवी फुटेज में मृतका की स्कूटी पर एक बोरा रखकर यमुना नदी की तरफ जाते हुए कैद हुआ था।
* पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने धारदार हथियार से युवती का सिर काटकर उसकी निर्मम हत्या की।
* आरोपी ने धड़ को बोरे में बंद कर यमुना नदी में और सिर को झरना नाले में फेंकने का जुर्म कबूल किया।
* पुलिस ने यमुना नदी से धड़ तो बरामद कर लिया, लेकिन कई दिनों की मशक्कत के बाद भी झरना नाले से मृतका का सिर बरामद नहीं किया जा सका।
* कोरियर ऑफिस की दीवारों पर पुलिस को खून के दाग भी मिले थे, और ऑफिस के चपरासी ने भी आरोपी के खिलाफ पुलिस को बयान दिए थे।
* सिर विहीन लाश की वैज्ञानिक शिनाख्त के लिए पुलिस ने डीएनए (DNA) जांच भी कराई है, जिसकी रिपोर्ट अभी न्यायालय में आनी बाकी है।
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न्यायालय का आदेश:
8 जुलाई को मामले की सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता राधा कृष्ण गुप्ता और वादी के अधिवक्ता महेश चंद उपाध्याय ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए अपने तर्क प्रस्तुत किए।
जिला जज माननीय संजय कुमार मलिक ने अभियोजन पक्ष के तर्कों, अपराध की क्रूरता और साक्ष्यों का भली-भांति अवलोकन करने के बाद आरोपी विनय सिंह द्वारा प्रस्तुत जमानत प्रार्थना पत्र को निरस्त करने का आदेश पारित किया।
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