आगरा ।
आगरा की एक अदालत ने मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के मामले में एक दंपती को दोषी करार दिया है।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (कोर्ट संख्या 12) माननीय अनुभव सिंह ने मामले की गंभीरता और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी पति और पत्नी दोनों को एक-एक महीने के कारावास की सजा सुनाई है।
इसके साथ ही अदालत ने दोषियों पर छह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
क्या था पूरा विवाद ?
यह मामला आगरा जिले के थाना नाई की मंडी अंतर्गत सुंदर पाड़ा इलाके का है। घटना 2 अक्टूबर 2016 की है, जब पीड़िता श्रीमती रीना (पत्नी अशोक कुमार) की छह वर्षीय पुत्री घर के बाहर चबूतरे पर खेल रही थी।
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इसी दौरान उनके पड़ोसी सतीश के पुत्र ने बच्ची के ऊपर स्कूटर गिरा दिया, जिससे वह चोटिल हो गई। जब रीना इस बात की शिकायत करने पड़ोसी के घर गईं, तो आरोपी सतीश (पुत्र दीप चंद) और उसकी पत्नी श्रीमती ममता भड़क गए।
दोनों ने मिलकर रीना के साथ मारपीट की, उन्हें भद्दी-भद्दी गालियां दीं और जान से मारने की धमकी भी दी।
गवाहों के बयान और कोर्ट का फैसला:
पीड़िता की तहरीर पर थाना नाई की मंडी में मुकदमा दर्ज किया गया था। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता रीना, उनकी सास और ननद समेत अन्य महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही अदालत में दर्ज कराई गई। सभी गवाहों ने घटना का पूरी तरह समर्थन किया।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट माननीय अनुभव सिंह ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को पर्याप्त मानते हुए पति सतीश और पत्नी ममता को दोषी पाया।
अदालत ने दोनों को एक माह की कैद और छह हजार रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया।
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