आगरा।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे 25) माननीय मदन मोहन की अदालत ने एक युवक पर तेजाब डालकर उसे गंभीर रूप से घायल करने के मामले में आरोपित महिला को दोषी करार दिया है।
न्यायालय ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अभियुक्ता को 3 वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अदालत में पेश किए गए मामले के अनुसार, थाना हरीपर्वत क्षेत्र में यह घटना 27 जुलाई 2024 को हुई थी।
वादी मुकदमा हेम शंकर (पुत्र सीताराम) के संबंध अभियुक्ता श्रीमती आशमा (पत्नी मोहम्मद शकील, निवासी आजाद नगर, खंदारी, आगरा) के साथ थे।
कुछ समय बाद वादी की सगाई किसी अन्य युवती से हो गई, जिसके कारण उसने अभियुक्ता से दूरी बना ली थी।
बताया गया कि अभियुक्ता वादी पर लगातार सगाई तोड़ने का दबाव डाल रही थी। वादी द्वारा मना करने पर घटना वाले दिन अभियुक्ता उसकी खंदारी स्थित दुकान पर पहुंची।

उसने बात करने के बहाने वादी को दुकान से बाहर बुलाया और अपने पास छिपाकर लाया गया तेजाब उसके ऊपर डाल दिया।
इस हमले में वादी गंभीर रूप से घायल हो गया। अभियुक्ता का यह कृत्य घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे में भी दर्ज हुआ था।
इस मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल सिसौदिया ने पैरवी की।
अभियोजन द्वारा अदालत में वादी मुकदमा हेम शंकर, उपनिरीक्षक अंकुर राठी, डॉ. प्रभात सिंह, डॉ. कुलदीप मिश्रा और उपनिरीक्षक आकांक्षा सिंह को गवाही के लिए पेश किया गया।
न्यायाधीश माननीय मदन मोहन ने गवाहों के बयानों, सीसीटीवी फुटेज, वादी की मेडिकल रिपोर्ट और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता के तर्कों से सहमत होते हुए अभियुक्ता आशमा को दोषी पाया और उसे उक्त सजा से दंडित करने का फैसला सुनाया।
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