घटना से तीन दिन पूर्व मृतक उत्तराखंड से शादी कर अभियुक्ता को घर लाया था
23 मई 2016 की रात अभियुक्ता अपने पति को जहर दे माल समेट हो गयी थी फरार
मृतक की बहन द्वारा दर्ज कराया गया था मुकदमा
पूर्व से शादी शुदा थी अभियुक्ता तारा उर्फ रुबीना
आगरा १३ मई ।
पति की जहर दे हत्या कर घर से कीमती सामान समेट कर ले जाने वाली महिला अभियुक्ता तारा उर्फ रुबीना पुत्री मोहम्मद अली पत्नी फहीम निवासनी ग्राम बैल जोड़ी, काशीपुर, बड़ी मस्जिद के पास, थाना कुंडा, जिला उधम सिंह नगर, उत्तराखंड को दोषी पाते हुये एडीजे 21 माननीय विराट कृष्ण श्रीवास्तव ने आजीवन कारावास एवं 75 हजार रुपये के अर्थ दण्ड से दंडित किया।
थाना जगदीशपुरा मे दर्ज मामले के अनुसार वादनी विशेष देवी ने 24 मई 2016 को थाना जगदीशपुरा में तहरीर दे, आरोप लगाया कि उनका छोटा भाई निर्मल सिंह पुत्र स्व. हरीसिंह निवासी सेक्टर 4 बी, आवास विकास कॉलोनी सिकन्दरा, जिला आगरा घटना से तीन दिन पूर्व उत्तराखंड से तारा नामक महिला से शादी कर उसे घर लाया था।
24 मई 2016 की सुबह वादनी का भतीजा भारत अपने पिता को जगाने गया तो वह अचेत मिले। घर से तारा कीमती सामान सहित गायब मिली। वादनी के शोर गुल पर आये पड़ोसियों द्वारा निर्मल सिंह को इलाज हेतु ले जाये जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
वादनी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने अभियुक्ता को उत्तराखंड से हिरासत में ले जेल भेजा।तारा का असली नाम रुबीना निकला वह पूर्व से शादी शुदा थी। विधुर एवं ज्यादा उम्र के अविवाहित लोगों को वह जाल में फंसा उनका माल पत्ता समेत रातों रात फरार हो जाती थी। मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर दे हत्या की पुष्टि हुई थी।
अभियोजन की तरफ से एडीजीसी योगेश कुमार बघेल द्वारा वादनी मुकदमा विशेष देवी, मृतक के पुत्र भारत, डॉक्टर प्रभात सिंह, पुलिस कर्मी धारा सिंह, एसओ तेजबहादुर सिंह, एसआई राजीव कुमार एवं विधि विज्ञान प्रयोगशाला के अधिकारी कर्नल कुंवर प्रताप सिंह को गवाही हेतु अदालत में पेश किया।
एडीजे 21 माननीय विराट कृष्ण श्रीवास्तव ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य एवं एडीजीसी योगेश कुमार बघेल के तर्क पर महिला अभियुक्ता को आजीवन कारावास एवं 75 हजार रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया।
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