आगरा।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट माननीय सोनिका चौधरी ने एक नाबालिग युवती के अपहरण और दुराचार के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
थाना बसई अरेला में दर्ज मामले के अनुसार, वादी ने आरोप लगाया था कि बाह क्षेत्र के ग्राम मिडकोली निवासी आरोपी भारत पुत्र जगदीश उसकी नाबालिग पुत्री को अक्सर परेशान करता था और उसका पीछा करता था।
आरोपी की हरकतों से तंग आकर वादी ने अपनी पुत्री को करीब दो माह पूर्व उसके मामा के घर भेज दिया था। हालांकि, 11 अक्टूबर 2020 को आरोपी वहां से भी पीड़िता का अपहरण कर अपने साथ ले गया।
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आरोप है कि आरोपी ने पीड़िता को दस दिनों तक बंधक बनाकर रखा और उसके साथ जबरन दुराचार किया। इस मामले में पुलिस ने जांच पूरी कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से वादी और पीड़िता सहित कुल सात गवाहों के बयान दर्ज कराए गए।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुभाष गिरी और विजय किशन लवानियां ने न्यायालय के समक्ष प्रभावी पैरवी की और आरोपी को सख्त सजा देने की मांग की।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने गवाहों के बयानों और पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर भारत को दोषी पाया और उसे दस वर्ष की कैद व जुर्माने की सजा से दंडित किया।
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