आगरा।
ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर करीब 49 लाख रुपये की ठगी और आईटी एक्ट के मामले में जेल में निरुद्ध पांच आरोपियों को जिला जज ने जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।
आरोपियों की ओर से उनके अधिवक्ताओं द्वारा प्रस्तुत तर्कों के आधार पर न्यायालय ने यह राहत प्रदान की है।
थाना साइबर क्राइम में दर्ज मामले के अनुसार, वादी दीपक जैन ने आरोप लगाया था कि गायत्री और शानवी नामक युवतियों ने व्हाट्सएप के माध्यम से उनसे संपर्क किया था।
उन्होंने वादी को विभिन्न साइट्स पर ट्रेडिंग के जरिए अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया और अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए।
वादी के खाते में मुनाफा तो अधिक दर्शाया गया, लेकिन जब उन्होंने पैसे निकालने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने 30 प्रतिशत टैक्स की मांग की और आगे की ट्रेडिंग रोक दी।
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इस प्रकार आरोपियों ने वादी के साथ कुल 48 लाख 99 हजार 990 रुपये की ठगी को अंजाम दिया।
पुलिस ने इस मामले में जांच करते हुए छत्तीसगढ़ निवासी अनिल कुर्रे, आयुष बंजारे, शैलेंद्र चौहान, ईश्वरी पटेल और रवि शंकर को गिरफ्तार किया था। इन सभी आरोपियों को 19 मार्च 2026 को जेल भेजा गया था।
मामले की सुनवाई के दौरान आरोपियों के अधिवक्ता झम्मन सिंह और स्नेह पाण्डेय ने न्यायालय के समक्ष अपनी दलीलें पेश कीं।
उन्होंने आरोपियों को निर्दोष बताते हुए जमानत की गुहार लगाई। जिला जज ने दोनों पक्षों को सुनने और मामले की परिस्थितियों पर विचार करने के बाद पांचों आरोपियों की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली और उन्हें जेल से रिहा करने के आदेश जारी किए।
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