आगरा।
विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावी क्षेत्र ने लूट, बरामदगी और सबूत नष्ट करने के मामले में नामजद आरोपियों सहित चोरी का माल खरीदने के आरोपी सुनार को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करने का आदेश दिया है।
न्यायालय ने यह निर्णय पुलिस द्वारा लूट की चेन बरामद न कर पाने और किसी स्वतंत्र गवाह को पेश न कर पाने के आधार पर लिया है।
अभियोजन के अनुसार, थाना शाहगंज में दर्ज मामले में वादिनी श्रीमती चंचल कुलश्रेष्ठ ने आरोप लगाया था कि 27 जुलाई 2022 की दोपहर वह अपनी बेटी को सिमकिन्स स्कूल से स्कूटी पर लेकर घर लौट रही थीं।
इसी दौरान पीछे से आए एक बदमाश ने उनके गले से तीन तोले की सोने की चेन लूट ली और अपने साथी के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर फरार हो गया।
वादिनी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने तफ्तीश शुरू की थी।
Also Read – आगरा में राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर जनपद न्यायाधीश ने की समीक्षा बैठक

विवेचना के दौरान पुलिस ने 31 जुलाई 2022 को मुखबिर की सूचना पर सतीश और देवेंद्र उर्फ सोनू को हिरासत में लिया था।
पुलिस का दावा था कि आरोपियों की निशानदेही पर चेन खरीदने वाले सुनार सागर को भी गिरफ्तार किया गया था।
मामले की सुनवाई के दौरान वादिनी चंचल कुलश्रेष्ठ के साथ ही उपनिरीक्षक अंकुर मलिक और अमन कुमार के बयान दर्ज किए गए।
सुनवाई के दौरान वादिनी ने आरोपियों को पहचानने से इंकार कर दिया। वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं राजकुमार, आरती शर्मा, अर्जुन सिंह और ब्रज किशोर बोहरा ने तर्क दिया कि पुलिस न तो लूटी गई चेन बरामद कर सकी और न ही घटना का कोई स्वतंत्र साक्षी न्यायालय में प्रस्तुत कर पाई।
न्यायालय ने बचाव पक्ष के तर्कों और साक्ष्यों की कमी को देखते हुए आरोपियों को सभी आरोपों से बरी करने का आदेश जारी किया।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Channel Bulletin & Group Bulletin
- आगरा दीवानी परिसर में अधिवक्ता परिषद का स्वाध्याय मंडल आयोजित, फोरेंसिक साक्ष्य के विधिक पहलुओं पर हुई विस्तृत चर्चा - October 2, 2026
- 7.50 लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में महिला कोर्ट में तलब, 18 नवंबर को पेशी का आदेश - October 2, 2026
- दलित उत्पीड़न और मारपीट के आरोपी को अदालत से राहत, एससी-एसटी कोर्ट ने दी जमानत - October 2, 2026




