आगरा।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट माननीय संगीता कुमारी ने नाबालिग से अश्लील हरकत करने के आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी करने के आदेश दिए हैं।
अदालत ने गवाहों के बयानों में विरोधाभास और पुरानी रंजिश के तर्कों को स्वीकार करते हुए आरोपी मूंगा राम को दोषमुक्त कर दिया।
प्रकरण थाना इरादत नगर क्षेत्र का है। दर्ज मामले के अनुसार, मार्च 2020 में कक्षा पांच की एक छात्रा अपने घर के सामने स्थित झोपड़ी में समरसेबल चलाने गई थी।
आरोप था कि वहां मौजूद आरोपी ने छात्रा के साथ अश्लील छेड़छाड़ की और शोर मचाने पर उसकी मां के आने के बाद आरोपी वहां से भाग निकला।
अभियोजन की ओर से पीड़िता और उसके माता-पिता सहित कुल छह गवाह अदालत में पेश किए गए।
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सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता नरेंद्र सिंह ने तर्क दिया कि यह मामला पुरानी रंजिश के चलते बनाया गया है।
उन्होंने अदालत को बताया कि घटना से पूर्व दोनों पक्षों में विवाद हुआ था, जिसमें आरोपी की तहरीर पर वादी और उसकी पत्नी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ था।
इसी कार्रवाई के बदले में आरोपी को इस मामले में फंसाया गया। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि आरोपी उम्रदराज है और उसके बच्चों की भी शादी हो चुकी है।
अदालत ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया और पाया कि वादी ने स्वयं अपने बयानों में पुराने झगड़े की बात स्वीकार की है।
गवाहों के बयानों में पाए गए अंतर्विरोध और बचाव पक्ष के तर्कों के आधार पर अदालत ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
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