आगरा।
चेक डिसऑनर के एक मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
न्यायिक अधिकारी माननीय अरविंद कुमार यादव ने आरोपी ज्ञान प्रकाश सिंह को दो माह के कारावास और 1 लाख 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया है।
प्रकरण के अनुसार, ताजनगरी फेस-2 स्थित पार्श्वनाथ पंचवटी निवासी श्रीमती संजू सिंह ने ज्ञान प्रकाश सिंह के विरुद्ध परिवाद दायर किया था।
वादिनी का आरोप था कि आरोपी उनका पड़ोसी है और इस नाते उनके बीच पारिवारिक संबंध थे।
घरेलू जरूरतों का हवाला देते हुए ज्ञान प्रकाश ने वादिनी से एक लाख रुपये उधार लिए थे और उन्हें जल्द वापस करने का आश्वासन दिया था।
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उधार ली गई राशि के भुगतान के लिए आरोपी ने 14 सितंबर 2020 को वादिनी को एक चेक दिया था। जब वादिनी ने उक्त चेक बैंक में प्रस्तुत किया, तो वह खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण बाउंस हो गया।
इसके बाद वादिनी ने कानूनी नोटिस भेजकर अपनी राशि की मांग की, लेकिन आरोपी द्वारा भुगतान न किए जाने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली।
मामले की सुनवाई के दौरान वादिनी के अधिवक्ता धीरज कुमार ने प्रभावी पैरवी करते हुए साक्ष्य प्रस्तुत किए।
न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध सबूतों का अवलोकन करने के बाद ज्ञान प्रकाश सिंह को चेक बाउंस का दोषी पाया।
अदालत ने आरोपी पर लगाए गए 1 लाख 25 हजार रुपये के अर्थदंड में से 1 लाख 20 हजार रुपये वादिनी को बतौर प्रतिकर देने का भी निर्देश दिया है।
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