आगरा।
शटडाउन लेकर बिजली के खंभे पर कार्य कर रहे संविदा लाइनमैन की मृत्यु के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-11) माननीय राज मंगल सिंह यादव की अदालत ने बिजली चालू कर देने के दोषी एसएसओ (सब-स्टेशन ऑपरेटर) प्रमोद कुमार को गैर इरादतन हत्या के मामले में 7 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 27 अक्टूबर 2021 की शाम करीब 7:30 बजे की है। वादी हरवीर सिंह निवासी ग्राम लालऊ, थाना मलपुरा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उनका मौसेरा भाई धारा सिंह विद्युत विभाग में संविदा कर्मचारी था। घटना वाले दिन धारा सिंह अपने साथी संविदा कर्मी हेतराम के साथ ड्यूटी पर तैनात था।
तभी एसएसओ प्रमोद कुमार (निवासी नगला कारे, थाना मलपुरा) ने फोन कर उन्हें लाडम फीडर की लाइन में खराबी की सूचना दी और इसे ठीक कर विद्युत आपूर्ति सुचारू करने का निर्देश दिया।

निर्देश मिलने पर धारा सिंह और उसके साथी ने एसएसओ प्रमोद कुमार से विधिवत शटडाउन लिया और धारा सिंह बिजली का खंभा चढ़कर खराबी ठीक करने लगा।
इसी दौरान एसएसओ प्रमोद कुमार ने बिना किसी पूर्व सूचना और पुष्टि के अचानक बिजली की लाइन चालू कर दी। उच्च क्षमता का करंट लगने से खंभे पर कार्य कर रहे लाइनमैन धारा सिंह की मौके पर ही दर्दनाक मृत्यु हो गई।
घटना के संबंध में वादी की तहरीर पर थाना मलपुरा में आरोपी एसएसओ प्रमोद कुमार के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को 28 अक्टूबर 2021 को गिरफ्तार कर जेल भेजा और विवेचना पूर्ण कर 7 दिसंबर 2021 को अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया था।
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मुकदमे के विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से वादी मुकदमा, मृतक के सहकर्मी हेतराम और पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक सहित कुल 6 गवाहों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
अदालत ने गवाहों की गवाही, पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) संतोष कुमार भाटी द्वारा प्रस्तुत तर्कों को पर्याप्त आधार मानते हुए आरोपी एसएसओ प्रमोद कुमार को गैर इरादतन हत्या का दोषी करार दिया और उसे 7 वर्ष की कैद व 20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया।
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