गौरव गुप्ता अपहरण एवं हत्या मामला: साक्ष्य के अभाव में सपा नेता नितिन कोहली सहित दो 15 वर्ष बाद बरी

न्यायालय मुख्य सुर्खियां

आगरा।

थाना न्यू आगरा क्षेत्र में 15 वर्ष पूर्व हुए बहुचर्चित गौरव गुप्ता अपहरण एवं हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-1) माननीय पुष्कर उपाध्याय की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है।

अदालत ने साक्ष्य के अभाव और वादी व गवाहों के अपने बयानों से मुकरने पर आरोपी सपा नेता नितिन कोहली और विकास छाबड़ा को बरी करने के आदेश दिए हैं।

मामले में नामजद सपा नेत्री शम्मी कोहली और मोहित भारद्वाज की विचारण के दौरान मृत्यु हो जाने के कारण उनके विरुद्ध कार्यवाही पूर्व में ही समाप्त कर दी गई थी।

अभियोजन के अनुसार, यह मामला थाना न्यू आगरा में अपराध संख्या 112/2010 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 364 और 302/34 में दर्ज किया गया था।

शुभम एनक्लेव, नटराज पुरम निवासी राकेश गुप्ता ने 25 फरवरी 2010 को अपने पुत्र गौरव गुप्ता के अपहरण की तहरीर दी थी।

वादी का आरोप था कि शाम करीब 7 बजे घर के बाहर खड़े उनके पुत्र गौरव को सपा नेत्री शम्मी कोहली, उनके पुत्र नितिन कोहली, मोहित भारद्वाज और विकास छाबड़ा एक स्कॉर्पियो कार में जबरन बैठाकर ले गए थे।

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पुरानी रंजिश के चलते इस घटना को अंजाम देने की बात कही गई थी। अगले दिन 26 फरवरी 2010 की सुबह मुगल रोड पर भूड़ के बाग के पास गौरव गुप्ता का गोली लगा शव बरामद हुआ था।

मुकदमे के विचारण के दौरान आरोपी श्रीमती शम्मी कोहली और मोहित भारद्वाज की मृत्यु हो गई। इस पर अदालत ने शम्मी कोहली के विरुद्ध 15 मई 2012 को और मोहित भारद्वाज के विरुद्ध 21 नवंबर 2012 को मुकदमे की कार्यवाही समाप्त (अबेट) कर दी थी।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 12 गवाह अदालत में पेश किए गए।

इनमें वादी राकेश गुप्ता (मृतक के पिता), मृतक के भाई नितिन गुप्ता व अमित गुप्ता, स्वतंत्र गवाह राजीव खुराना व धर्मवीर के अलावा पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक, एफएसएल वैज्ञानिक और विवेचक सहित अन्य पुलिस अधिकारी शामिल थे।

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सुनवाई के दौरान मुकदमे में नया मोड़ तब आया जब वादी राकेश गुप्ता, मृतक के दोनों भाई नितिन गुप्ता और अमित गुप्ता के साथ-साथ स्वतंत्र गवाह राजीव खुराना एवं धर्मवीर अपने पूर्व के कथनों से मुकर गए। स्वतंत्र गवाहों ने अदालत में बयान दिया कि उन्होंने आरोपियों के विरुद्ध शपथ पत्र पुलिस के दबाव में दिए थे।

आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजवीर सिंह और शुभायु गुप्ता ने पैरवी करते हुए साक्ष्यों के अभाव का तर्क अदालत के समक्ष रखा।

वादी और मुख्य गवाहों के पक्षद्रोही (होस्टाइल) होने तथा साक्ष्य के पूर्ण अभाव को देखते हुए अदालत ने सपा नेता नितिन कोहली और विकास छाबड़ा को दोषमुक्त करते हुए बरी करने का आदेश सुनाया।

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विवेक कुमार जैन
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