आगरा:
स्थायी लोक अदालत ने जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. धर्मवीर सिंह को इलाज में लापरवाही बरतने का दोषी पाया है, जिसके लिए उन्हें मरीज के पति को 6,86,500/- रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया गया है।
क्या है पूरा मामला ?
यह मामला बॉबी सिंह नाम के एक व्यक्ति ने डॉ. धर्मवीर सिंह, ओरियन हॉस्पिटल के डॉ. संतोष और जिला अस्पताल के अधीक्षक के खिलाफ दायर किया था।
बॉबी सिंह का आरोप था कि उन्होंने अपनी पत्नी, श्रीमती बबली, को पित्त की थैली की समस्या के इलाज के लिए 7 सितंबर 2021 को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।
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10 सितंबर 2021 को, डॉ. धर्मवीर सिंह ने बबली का ऑपरेशन किया, लेकिन इसके बाद उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई क्योंकि उन्हें गैस पास नहीं हो रही थी।
जब बॉबी सिंह ने शिकायत की, तो डॉ. सिंह ने अपनी गलती मानी और स्वीकार किया कि ऑपरेशन के दौरान गलती से एक नस कट गई थी। उन्होंने वादा किया कि दूसरे ऑपरेशन से यह समस्या ठीक हो जाएगी।
कई अस्पतालों में भटका मरीज:
डॉ. धर्मवीर सिंह ने दूसरे ऑपरेशन के लिए 30,000/- रुपये का खर्च बताया और बबली को जयपुर हाउस स्थित ओरियन हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया। वहां उन्होंने डॉ. संतोष की उपस्थिति में दूसरा ऑपरेशन करवाया, लेकिन बबली की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।
इस दौरान बॉबी सिंह ने 30,000/- रुपये के अलावा एक लाख रुपये से अधिक ओरियन अस्पताल में खर्च कर दिए।
जब स्थिति नहीं सुधरी, तो डॉ. धर्मवीर सिंह ने अपनी गलती छिपाने के लिए खुद 15,000/- रुपये जमा कराकर बबली को पुष्पांजलि हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया। अपनी पत्नी के इलाज के लिए बॉबी सिंह को अपना मकान तक बेचना पड़ा।
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स्थाई लोक अदालत ने दिया आदेश:
स्थायी लोक अदालत ने बॉबी सिंह के सभी आरोपों को स्वीकार करते हुए पाया कि डॉ. धर्मवीर सिंह की लापरवाही के कारण ही यह सब हुआ।
अदालत ने डॉ. धर्मवीर सिंह को बॉबी सिंह को 6,86,500/- रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
यह फैसला उन मरीजों के लिए एक उम्मीद की किरण है, जिन्हें चिकित्सा लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ता है।
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