आगरा:
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के अनुपालन में, जनपद न्यायाधीश माननीय संजय कुमार मलिक के मार्गदर्शन में आगरा में विधिक जागरूकता और कैदियों के अधिकारों को लेकर महत्वपूर्ण गतिविधियां आयोजित की गईं।
जिला कारागार का निरीक्षण और बंदियों से संवाद:
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव (पूर्णकालिक) माननीय विनीता सिंह-प्रथम ने 5 फरवरी 2026 को जिला कारागार, आगरा का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित मुख्य बिंदु रहे:
* जेल लीगल एड क्लीनिक: सचिव द्वारा कारागार में स्थापित लीगल एड क्लीनिक की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई।
* बंदियों की समस्याएं: महिला एवं पुरुष बंदियों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी कानूनी समस्याओं को सुना गया। सचिव ने मौके पर उपस्थित कारापाल श्री नागेश सिंह को इन समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु कड़े निर्देश दिए।
* प्रार्थना पत्रों का प्रेषण: जेल पराविधिक स्वयंसेवकों (PLVs) को निर्देशित किया गया कि वे प्राप्त प्रार्थना पत्रों को जेल अधीक्षक के माध्यम से अविलंब जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजें।

राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 2.0′ की अवधि विस्तार पर बैठक:
इसी क्रम में सचिव माननीय विनीता सिंह-प्रथम ने दीवानी न्यायालय परिसर में न्यायिक अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।
यह बैठक माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 2.0’ की अवधि को 15 दिन और बढ़ाने के निर्णय के बाद आयोजित की गई।
* अधिकारियों की उपस्थिति: बैठक में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट माननीय मृत्युंजय श्रीवास्तव सहित समस्त सिविल जज (सीनियर/जूनियर डिवीजन) उपस्थित रहे।
* लक्ष्य: न्यायिक अधिकारियों से आग्रह किया गया कि विस्तारित अवधि का लाभ उठाते हुए अधिक से अधिक लंबित पत्रावलियों को मध्यस्थता (Mediation) के लिए चिन्हित कर संदर्भित करें ताकि वादों का आपसी सहमति से निस्तारण कर अभियान को सफल बनाया जा सके।
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