आगरा/दिल्ली ।
पटियाला हाउस कोर्ट स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी माननीय अंजलि सिंह की अदालत ने परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है।
इस मामले में अदालत ने आरोपी अरुण कुमार चौहान को दोषी पाते हुए स्पष्ट किया कि बैंक के विलय के कारण चेक का अनादर होना सजा से बचने का आधार नहीं हो सकता।
मामले की पृष्ठभूमि और शिकायत:
यह विवाद तब शुरू हुआ जब अशोक कुमार कौशिक (अब उनके कानूनी वारिस सारांश कौशिक द्वारा प्रतिनिधित्व) ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के अनुसार, आरोपी ने अपने पैकेजिंग व्यवसाय में निवेश के लिए जनवरी 2022 में 5,60,000/- रुपये का व्यक्तिगत ऋण लिया था।
इस ऋण की अदायगी के लिए आरोपी ने दो चेक जारी किए थे, जो मई 2022 में बैंक द्वारा इस टिप्पणी के साथ लौटा दिए गए कि कृपया आहरणकर्ता से संपर्क करें।
अदालत के समक्ष कानूनी तर्क:
आरोपी की ओर से यह दलील दी गई थी कि चेक के बैंक का अन्य बैंक में विलय हो जाने के कारण वह चेक कानूनी रूप से वैध दस्तावेज नहीं रह गया था।

इसके अतिरिक्त, आरोपी ने ऋण की राशि और शिकायतकर्ता की वित्तीय क्षमता पर भी सवाल उठाए थे।
अदालत का निष्कर्ष और निर्णय:
अदालत ने इन दलीलों को खारिज करते हुए सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न फैसलों का हवाला दिया। मजिस्ट्रेट ने रेखांकित किया कि चेक का किसी भी कारण से अनादर होना, जिससे उसका भुगतान रुक जाए, धारा 138 के तहत अपराध की श्रेणी में आता है।
अदालत ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान दिया:
1. आरोपी ने कानूनी नोटिस मिलने के बाद भी बकाया राशि का भुगतान नहीं किया और न ही नया चेक जारी करने का प्रयास किया।
2. आरोपी चेक पर अपने हस्ताक्षरों को गलत साबित करने के लिए कोई स्वतंत्र साक्ष्य प्रस्तुत करने में विफल रहा।
3. कानून के तहत यह माना जाता है कि हस्ताक्षरित चेक कानूनी देनदारी को चुकाने के लिए ही जारी किया गया है, और इस धारणा को झुठलाने का बोझ आरोपी पर था, जिसे वह पूरा नहीं कर सका।
निष्कर्ष के तौर पर, अदालत ने अरुण कुमार चौहान को धारा 138 के तहत दोषी ठहराया और कहा कि सजा की अवधि पर सुनवाई अलग से की जाएगी।
शिकायत कर्ता की तरफ़ से प्रभावी पैरवी विद्वान अधिवक्ता के के शर्मा और मयंक शर्मा द्वारा की गई ।
Stay Updated With Latest News Join Our WhatsApp – Group Bulletin & Channel Bulletin
- जिला उपभोक्ता आयोग प्रथम आगरा का सहारा समूह की कंपनियों पर सख्त रुख: निवेशकों का पैसा ब्याज सहित लौटाने का आदेश - July 1, 2026
- आगरा उपभोक्ता आयोग प्रथम ने दिखाई सख्ती: डिजिटल वर्ल्ड के खिलाफ 1.17 लाख रुपये की आरसी जारी, जिलाधिकारी को वसूली के दिए आदेश - June 30, 2026
- 18 साल बाद विद्युत चोरी के मामले में आरोपी बरी, अदालत ने बिजली विभाग और पुलिस की कार्यशैली पर की तीखी टिप्पणी - June 30, 2026




