आगरा ।
शाहगंज थाने में वर्ष 2012 में दर्ज डकैती के एक मामले में जिला न्यायालय ने आरोपी के विरुद्ध जारी वारंट निरस्त करने के आदेश दिए हैं।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (संख्या 6) माननीय नीरज कुमार महाजन ने बचाव पक्ष के तर्कों को स्वीकार करते हुए आरोपी की रिहाई का मार्ग प्रशस्त किया।
न्यायालय की कार्यवाही और मामला:
प्रकरण के अनुसार, आरोपी जमील पुत्र हबीब के विरुद्ध थाना शाहगंज में वर्ष 2012 में डकैती का मुकदमा दर्ज किया गया था।
इस मामले में आरोपी के न्यायालय में उपस्थित न होने के कारण उसके खिलाफ वारंट जारी थे।
वर्तमान में आरोपी जमील हरियाणा के फरीदाबाद स्थित नीमका जिला कारागार में किसी अन्य आपराधिक मामले में निरुद्ध था।
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अधिवक्ता के तर्क और वारंट निरस्तीकरण:
आरोपी के अधिवक्ता नीरज पाठक ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर अवगत कराया कि उनका मुवक्किल अन्य मामले में हरियाणा की जेल में बंद होने के कारण इस न्यायालय में समय पर उपस्थित नहीं हो सका था।
अधिवक्ता ने मानवीय आधार पर आरोपी की बहन की शादी का हवाला दिया और जेल में निरुद्ध होने की विधिक स्थिति स्पष्ट करते हुए वारंट निरस्त करने का आग्रह किया।
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न्यायिक आदेश:
अधिवक्ता के प्रार्थना पत्र पर आरोपी को नीमका जेल से लाकर एडीजे 6 की अदालत में पेश किया गया।
न्यायाधीश माननीय नीरज कुमार महाजन ने मामले की परिस्थितियों और बचाव पक्ष के तर्कों को ध्यान में रखते हुए आरोपी के वारंट निरस्त कर दिए और उसे संबंधित मामले में रिहा करने के आदेश जारी किए।
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