अधीनस्थ न्यायालय ने 3 अगस्त 24 को 1,32,000/- के अर्थ दंड से किया था दंडित
72 वर्षीय आरोपी की उम्र देख जेल की सजा नहीं दी थीं
आरोपी की अपील को निरस्त कर सत्र न्यायालय ने नहीँ दी राहत
आगरा 11 मार्च ।
चैक डिसऑनर आरोप में आरोपित रिटायर सेल टैक्स कर्मी द्वारा प्रस्तुत अपील को निरस्त कर एडीजे 9 माननीय यशपालसिंह लोधी ने अधीनस्थ न्यायालय द्वारा पारित आदेश को यथावत रख आरोपी को कोई राहत प्रदान नहीं की।
मामले के अनुसार वादी मुकदमा राममोहन निर्भय निवासी आजाद नगर, थाना जगदीशपुरा एवं आरोपी घनशयाम दास निवासी प्रताप पुरा, थाना सदर दोनों ही सेल टैक्स विभाग में कार्यरत रहे थे। दोनो के मध्य दांत काटी रोटी जैसे सम्बंध थे। आरोपी घनशयाम दास ने अपनी पत्नी एवं पुत्र वधु की बीमारी हेतु वादी से 86 हजार रुपये उधार ले वापस नही किये थे।
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वादी द्वारा किये गये मुकदमें पर अधीनस्थ न्यायालय ने 3 अगस्त 24 को आरोपी की 72 वर्ष की उम्र को दृष्टिगत रख उसे जेल की सजा नहीं देते हुए केवल 1 लाख 32 हजार रुपये के अर्थ दंड से दंडित किया था। आरोपी द्वारा अधीनस्थ न्यायालय द्वारा पारित आदेश के विरुद्ध सत्र न्यायालय में अपील करने पर एडीजें 9 माननीय यशपालसिंह लोधी ने वादी के अधिवक्ता राजेश यादव के तर्क पर आरोपी की अपील निरस्त कर अधीनस्थ न्यायालय द्वारा पारित आदेश को यथावत रख आरोपी को राहत देने से इंकार कर दिया।
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