आगरा।
मॉडलिंग क्षेत्र से जुड़ी एक युवती के साथ शादी का झांसा देकर दुराचार, अप्राकृतिक कृत्य और लाखों की धोखाधड़ी करने के आरोपी कर्मवीर सिंह की जमानत याचिका जिला जज ने स्वीकार कर ली है।
अदालत ने मामले में साक्ष्यों के अभाव और पीड़िता द्वारा मेडिकल जाँच न कराए जाने के तथ्य को ध्यान में रखते हुए रिहाई के आदेश जारी किए।
क्या था मामला ?
पंजाब के मानसा जिले (बुढ़लाड़ा सिटी) का निवासी कर्मवीर सिंह पुत्र बलवीर सिंह 20 दिसंबर 2025 से जिला कारागार में निरुद्ध था।
थाना कमला नगर में दर्ज मामले के अनुसार:
* पीड़िता (मॉडल) की आरोपी से मुलाकात वर्ष 2019 में पंजाब में एक मॉडलिंग शो के दौरान हुई थी।
* आरोप था कि दोनों दिल्ली और फिर आगरा में साथ रहने लगे, जहाँ आरोपी ने शादी का झांसा देकर युवती के साथ दुराचार और अप्राकृतिक कृत्य किया।
* यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपी ने साजिश के तहत युवती से 2.50 लाख रुपये और 10 तोले सोने के जेवरात हड़प लिए और बाद में जेवर बेच दिए।
* 29 जुलाई 2024 को आरोपी नौकरी का बहाना बनाकर युवती को आगरा में अकेला छोड़कर भाग निकला।

अदालत में बचाव पक्ष के तर्क:
सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता अशोक कुमार कुशवाह ने प्रभावशाली तर्क पेश किए।
बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि:
* मेडिकल साक्ष्य का अभाव: पीड़िता ने मेडिकल परीक्षण के दौरान अपनी अंदरूनी जाँच (Internal Examination) कराने से स्पष्ट इनकार कर दिया था।
* साक्ष्य की कमी: मेडिकल रिपोर्ट न होने के कारण दुराचार और अप्राकृतिक कृत्य (धारा 376 व 377) की पुष्टि के लिए कोई वैज्ञानिक या ठोस आधार मौजूद नहीं है।
* विधिक आधार: अधिवक्ता के तर्कों और परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी को जेल में रखने का पर्याप्त आधार नहीं बनता।
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जिला जज का आदेश:
जिला जज ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पाया कि पीड़िता द्वारा मेडिकल जाँच से इंकार करने के कारण आरोपों की पुष्टि के लिए ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं।
इसी आधार पर अदालत ने कर्मवीर सिंह की जमानत याचिका स्वीकृत करते हुए उसे रिहा करने के आदेश पारित किए।
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